हरिद्वार में गंगा स्नान
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पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक मकर संक्रांति के दिन ही गंगा जी भगीरथ के पीछे लगकर कपिल मुनि के आश्रम से होते हुए सागर में मिल गई थी। इसीलिए मकर संक्रांति को गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। मकर संक्रांति के दिन पुण्यकाल में स्नान के बाद सूर्य उपासना, जप, अनुष्ठान, दान-दक्षिणा देते हैं। दान में गुड़, काले तिल, खिचड़ी, कंबल और लकड़ी का विशेष दान होता है।