अगर महाशिवरात्रि पर अपना भाग्य जगाना चाहते हैं तो इन चार चीजों को पूजा से दूर रखें। ये चीजें भोलनाथ को गुस्सा दिलाती हैं।
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ketaki flower
- फोटो : google
पडिंत विवेक जोशी ने बताया कि महादेव की पूजा में केतकी का फूल चढ़ाना वर्जित माना गया हैं, कमल और कनेर के अलावा शिव को लाल रंग के फूल भी प्रिय नहीं हैं। इसलिए शिव की पूजा में कमल और कनेर के फूल को छोड़कर सभी फूलों को वर्जित माना गया हैं।
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turmeric
महादेव की पूजा में हल्दी का प्रयोग वर्जित माना गया हैं। हल्दी को शिव का रूप माना जाता हैं। इसलिए हल्दी का प्रयोग शिव की पूजा में करना वर्जित हैं।
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tulsi
असुर जलंधर की पत्नी वृंदा को वरदान प्राप्त था की उसके पतिव्रता रहने तक उसके पति को कोई नहीं मार सकता। देवताओं की प्रार्थना पर भगवान विष्णु ने असुर जलंधर का रूप धारण किया और वृंदा के पास चले गए। वृंदा का पतिधर्म नष्ट हो गया और भगवान शंकर ने असुर जलंधर को मार उसे भस्म कर दिया। वृंदा तुलसी में परिवर्तित हो चुकी थी। इस बात से उसे निराशा उत्पन्न हुयी और उसने भगवान शंकर को अपने दैवीय तत्वों वाले पत्तों से वंचित कर दिया। इस प्रकार शिव पूजा में तुलसी अर्पित नहीं की जाती।
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सिंदूर
- फोटो : अमर उजाला
स्त्रियां अपने सौभाग्य में वृद्धि के लिए सिंदूर का उपयोग करती हैं। इसके परे शिव विध्वसक, विनाशकर्ता माने जाते हैं। इसलिए शिव को सिंदूर नहीं लगाया जाता हैं।
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नारियल
शिव को नारियल का पानी नहीं चढ़ाया जाता। क्योंकि देवताओं को जो समग्र अर्पित की जाती हैं उसे ग्रहण किया जाता हैं।