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कलियुग में भी मां काली इस मंदिर में करने आती है विश्राम

Sun, 09 Oct 2016 05:57 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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mahakali temple gangolihat pithoragarh
उत्तराखंड को ऐसे की देवभूमि नहीं कहा जाता, यहां पग-पग पर देवी-देवताओं के भव्य मंदिर देखने को मिलते हैं।
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mahakali temple gangolihat pithoragarh
कई मंदिर इतने प्राचीन है की उससे जुड़ी कई बातें सदियों से आज भी लोगों के जुबान पर हैं। 
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mahakali temple gangolihat pithoragarh
उत्तराखंड के गंगोलीहाट में महाकाली माता का एक प्राचीन मंदिर है।

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mahakali temple
इसके बारे में मान्यता है कि इस मंदिर में आज भी माता रात को विश्राम करने आती हैं।
 
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mahakali temple
मंदिर में दिनभर पूजा पाठ होती और शाम को मां का दरबार लगता है।
 
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mahakali temple
मंदिर में रात को मां काली के लिए बिस्तर लगाया जाता है।
 
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mahakali temple
कहा जाता है कि यहां मां काली आराम करने आती हैं।
 
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mahakali temple
इसका सबूत इस बात से मिलता है कि सुबह बिस्तर पर सलवटें साफ़ नजर आती हैं।
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