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महाशिवरात्रि 2021: बन रहे कई खास योग, इन चार शुभ मुहूर्त में अभिषेक कर भोलेनाथ को करें प्रसन्न

Sun, 07 Mar 2021 05:34 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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शिवरात्रि - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है। इस साल भोले बाबा का महापर्व महाशिवरात्रि 11 मार्च को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशीयुक्त चतुर्दशी तिथि को मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं। इस दिन विशेष रूप से शिवयोग और सिद्धि योग रहेगा। नक्षत्र घनिष्ठा रहेगा। चंद्रमा मकर राशि में विराजमान रहेगा। 

भगवान शिव के महापर्व को लेकर शहर के शिव मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित विष्णु प्रसाद भट्ट ने कहा कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन शिवलिंग का पंचोपचार पूजन और रात्रि जागरण विशेष फलदायी होता है। इस दिन भगवान शिव की आराधना कई गुना अधिक फल देती है।

मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से युवतियों को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है। बताया कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की चार पहर की विशेष पूजा का महत्व है। निशिथ काल में पूजा 11 मार्च की रात 12 बजकर 15 मिनट से करीब एक बजे तक रहेगी। 

पुराणों में वर्णन है कि भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह इसी दिन हुआ था। भगवान शिव के विवाह में सिर्फ देव ही नहीं दानव, किन्नर, गंधर्व, भूत, पिशाच भी इस विवाह में शामिल हुए थे। इसलिए इसमें चार पहर की पूजा अधिक फलदायी होती है।
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शिवरात्रि - फोटो : अमर उजाला
महाशिवरात्रि की पूजा का मुहूर्त
- प्रथम रात्रि पहर 11 मार्च 
शाम साढ़े छह बजे से रात साढ़े नौ बजे तक
- रात्रि द्वितीय पहर 11 मार्च 
रात साढ़े नौ बजे से साढ़े 12 बजे तक
- रात्रि तृतीय पहर 11-12 मार्च 
रात साढ़े 12 बजे से तीन बजकर 40 मिनट तक
- शिवरात्रि पारण समय 12 मार्च
सुबह साढ़े छह बजे से शाम तीन बजे तक
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भगवान शिव - फोटो : अमर उजाला
महाशिवरात्रि पर शिवलिंग को गंगाजल, दूध, घी, शहद और शक्कर के मिश्रण से स्नान करवाया जाता है। फिर चंदन लगाकर फल-फूल, बेलपत्र, धतूरा, बेर इत्यादि अर्पित किए जाते हैं। कहा जाता है कि इस दिन तांबे के लोटे से भोलेनाथ का अभिषेक न करें।

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शिवरात्रि - फोटो : अमर उजाला
देहरादून में प्राचीन टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत कृष्णा गिरी महाराज ने कहा कि महाशिवरात्रि के दिन मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयारियां की जा रही है। मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
ज्योतिषाचार्य पंडित टीकाराम शास्त्री ने बताया कि जीवन में होने वाले परिवर्तनों के कारक बुध ग्रह महाशिवरात्रि को राशि परिवर्तन करेंगे। बुध का मकर से कुंभ राशि में गोचर होगा। 11 मार्च सुबह करीब 11 बजकर 40 मिनट से बुध ग्रह मार्गी होकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे।
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शादी - फोटो : istock
वहीं, शिवरात्रि के बाद साल का दूसरा अबूझ मुहूर्त 15 मार्च को है। अबूझ मुहूर्त किसी भी प्रकार के हानिकारक प्रभाव और दोषों से रहित माना जाता है। इस मुहूर्त में कोई भी मांगलिक कार्य करना शुभ और लाभकारी माना गया है। ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि शुक्र अस्त चल रहा है और 20 अप्रैल को शुद्ध होगा। उसके बाद ही विवाह लग्न शुरू होंगे। 15 मार्च के बाद 21 अप्रैल को रामनवमी का अबूझ मुहूर्त रहेगा। इस बीच मांगलिक कार्यों के लिए कोई भी मुहूर्त नहीं है।
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