फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandra Grahan 2020: कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण के समय नहीं लगेगा सूतक, बन रहा खास योग

Sun, 29 Nov 2020 02:52 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंबा (टिहरी) 
विज्ञापन
1 of 6
- फोटो : फाइल फोटो
इस बार 30 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का साया रहेगा। हालांकि उपच्छाया चंद्र ग्रहण दिखाई न देने के कारण इसका प्रभाव और सूतक काल भी प्रभावी नहीं होगा। शास्त्रानुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग होने से जप, तप, दान व धर्म-कर्म का लाभ कई गुणा अधिक प्राप्त होता है।
विज्ञापन

2 of 6
- फोटो : फाइल फोटो
कार्तिक शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को 30 नवंबर (सोमवार) को इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लग रहा है। इस बार चंद्र ग्रहण वृषभ राशि में लगने जा रहा है। पंचांग के अनुसार इस दिन रोहिणी नक्षत्र रहेगा। 
विज्ञापन

3 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण तीन तरह के होते हैं। पूर्ण चंद्र ग्रहण, आंशिक और उपच्छाया। भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण दोपहर एक बजकर चार मिनट से शाम 5.22 बजे तक रहेगा। 

4 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर
दरअसल, यह दुनिया के दूसरे हिस्सों में देखा जा सकेगा। ऐसे में भारत में दृश्य न होने के कारण चंद्र ग्रहण का सूतक काल भी प्रभावी नहीं होगा। ज्योतिषाचार्य मोहित उनियाल का कहना है कि कार्तिक पूर्णिमा का दिन स्नान-दान के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग पूर्णिमा को और भी खास बना रहा है। 
विज्ञापन

5 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : ANI
ज्योतिष के अनुसार, उपच्छाया चंद्र ग्रहण को वास्तविक चंद्र ग्रहण नहीं माना जाता है। हर चंद्र ग्रहण के शुरू होने से पहले चंद्रमा धरती की उपच्छाया में प्रवेश करता है, जिसे चंद्र मालिन्य कहा जाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
उसके बाद ही चंद्रमा धरती की वास्तविक छाया में प्रवेश करता है, तभी उसे चंद्र ग्रहण कहते हैं। जब चंद्रमा धरती की वास्तविक छाया में प्रवेश किए बिना उसकी उपच्छाया में आकर ही बाहर निकल जाता है। तब उपच्छाया चंद्र ग्रहण लगता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें