इस साल का अंतिम चंद्र ग्रहण 30 नवंबर को लगेगा। यह चंद्र ग्रहण कई मामलों में विशेष होगा। इस दिन कार्तिक पूर्णिमा का भी पर्व मनाया जाएगा। इससे चंद्र ग्रहण का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। ज्योतिषियों का कहना है कि सोमवार को लगने वाला चंद्रग्रहण उपच्छाया चंद्र ग्रहण है, इसलिए इस बार सूतक नहीं लगेगा। इस ग्रहण को आंखों से भी देखा जा सकता है।
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ज्योतिषाचार्य पंडित विष्णु प्रसाद भट्ट ने बताया कि चंद्र ग्रहण हिंदू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक शुक्ल की पूर्णिमा तिथि को लगने जा रहा है। पंचांग के अनुसार इस दिन रोहिणी नक्षत्र रहेगा। आम तौर पर ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक लग जाता है, लेकिन इस चंद्र ग्रहण में सूतक नहीं लगेगा।
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कहा कि जब उपच्छाया ग्रहण लगता है तो इसके सूतक काल को मान्य नहीं माना जाता। सूतक काल पूर्ण ग्रहण में मान्य होता है। साल का अंतिम चंद्र ग्रहण चार घंटे 21 मिनट का होगा। ज्योतिषाचार्य ज्ञानेंद्र पांडेय और आचार्य डॉ. सुशांत सिंह राज ने बताया कि चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर एक बजकर दो मिनट पर शुरू होगा।
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जबकि, अपराह्न तीन बजकर 13 मिनट पर परमग्रास चंद्रग्रहण होगा और शाम पांच बजकर 23 मिनट पर उपच्छाया से अंतिम स्पर्श करेगा। बताया कि चंद्र ग्रहण भारत समेत यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, दक्षिण-पश्चिम अमेरिका आदि क्षेत्रों में दिखाई देगा।
चंद्र ग्रहण में पृथ्वी सूर्य की रोशनी को चंद्रमा तक नहीं पहुंचने देती है, लेकिन उपछाया चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा का बिंब धुंधला हो जाता है। चंद्रमा पूरी तरह से काला नहीं होता। इस वजह से चांद थोड़ा मलिन रूप में दिखाई देता है। बता दें कि चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा को लगता है। इस बार भी 30 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा है।