फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंद्रग्रहण 2019: ग्रहण के समय खाने में क्यों रखी जाती है तुलसी? जानिए इसकी वजह

Mon, 21 Jan 2019 02:20 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 7
lunar eclipse - फोटो : अमर उजाला
चंद्रग्रहण के समय खाने में तुलसी का पत्ता रखा जाता है। आइए जानते हैं कि सदियाें से ऐसा क्यों किया जा रहा है। कहा जाता है कि चंद्रग्रहण के समय बना हुआ खाना खराब हो जाता है। इसलिए तुलसी का पत्ता रखा जाता है।
विज्ञापन

2 of 7
tulsi
ज्योतिषाचार्य पंडित सुशातंराज के अनुसार, तुलसी में पारा होता है। पारा के ऊपर किसी भी किरणों का कोई असर नहीं होता है। चंद्रग्रहण के समय पराबैंगनी किरणों सबसे ज्यादा बुरा असर होता है। इसलिए खाने में तुलसी का पत्त रखने से वह निष्क्रिय हो जाती हैं।
विज्ञापन

3 of 7
tulsi
वहीं धार्मिक दृष्टि से देखें तो तुलसी दोषों का नाश करने वाली होती है। इसलिए नेगेटिव ऊर्जा खत्म करने के लिए इसका प्रयोग होता है। वहीं चरणामृत में भी इसका इस्तेमाल इसलिए ही किया जाता है कि इसे अमृत समान समझा जाता है।

4 of 7
tulsi - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि ग्रहण शुरु होने के 9 घंटे पहले सूतक काल शुरु हो जाता है। इसलिए इससे पहले ही पानी के बर्तन में, दूध में और दही में कुश या तुलसी की पत्ती या दूब धोकर डालनी चाहिए। बाद में इसे पीपल के पेड़ पर चढ़ा दें।
विज्ञापन

5 of 7
tulsi
चंद्रग्रहण एक अशुभ घटना है और इसकी छाया से बचने के लिए लोग ग्रहण के बाद स्नान-दान करते हैं। इस दौरान चांद देखने की भी मनाही होती है।
विज्ञापन

6 of 7
चंद्र ग्रहण
खासतौर पर कुंवारी कन्याओं, गर्भवती महिलाओं, नवजात बच्चों और बुजुर्गों को ग्रहण के चांद से रहने की सलाह दी जाती है। चंद्र ग्रहण के दौरान तो कई काम करने की मनाही होती है लेकिन ग्रहण के बाद अपना रुटीन शुरू करने से पहले भी कुछ नियम पूरे करने होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
चंद्र ग्रहण - फोटो : SOCIAL MEDIA
दरअसल चंद्र ग्रहण का प्रभाव 108 दिन तक माना जाता है। ऐसे में ग्रहण के कारण आई नकारात्मकता दूर करने के लिए ग्रहण खत्म होने के बाद कुछ उपाय करने जरूरत होती है। ग्रहण के बाद घर की अच्छी तरह सफाई भी आवश्यक बताई गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें