आज रात देश में चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। इससे पहले शाम चार बजे से ही सूतक काल लग चुका है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ऐसे में कुछ काम करना वर्जित माना गया है। इसका सूतक नौ घंटे पहले यानि 4:00 बजे के बाद से लग गया है। भारतीय समय के अनुसार चंद्र ग्रहण रात्रि 01 बजकर 32 मिनट से मध्य रात्रि 03 बजकर 01 मिनट तक रहेगा, लेकिन इसका मोक्ष रात्रि शेष 04 बजकर 30 मिनट पर होगा। इसलिए चंद्र ग्रहण की कुल अवधि दो घंटा 58 मिनट बताई जा रही है।
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ज्योतिषाचार्य पंडित सुशांतराज के अनुसार, चंद्र ग्रहण के दिन देवी-देवताओं के दर्शन करना अशुभ माना जाता है। बच्चे, बुजुर्गों और रोगियों के लिए सूतक काल नहीं माना जाता है।
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इस दिन गर्भवती महिलाओं को खास तौर पर ध्यान रखना चाहिए। उन्हें इस दौरान कुछ खाना पीना नहीं चाहिए। साथ ही सब्जी आदि भी नहीं काटनी चाहिए।
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इस दिन बच्चे और बुजुर्गों को बाहर नहीं निकलना चाहिए। ग्रहण के दौरान काफी नकारात्मक ऊर्जा रहती है। इसलिए जितना हो सके इसे देखने से बचें।
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सूतक काल के समय खाना-पीना, सोना, नाखून काटना और भोजन पकाना आदि कार्य करना अशुभ माना जाता है। चंद्र ग्रहण के दिन सूतक काल खत्म हो जाने के बाद पहने हुए कपड़ों सहित गंगा स्नान कर भोजन करना चाहिए।
चंद्र ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ कार्य करना अशुभ माना जाता है। सूतक काल के समय अचार, मुरब्बा, दूध, दही और अन्य खाद पदार्थों में तुलसी पत्र डाल देने से वह खराब नहीं होते हैं।