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स्वामी सत्यमित्रानंद की भू-समाधि पर बनाया जाएगा भव्य शिव मंदिर, लेकिन ये अंतिम इच्छा रह गई अधूरी

Fri, 28 Jun 2019 08:32 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी - फोटो : अमर उजाला
भारत माता मंदिर के संस्थापक पद्मश्री स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि को जहां भू समाधि दी गई वहां भगवान भोले शंकर का एक भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा। स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि के शिष्य जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने अंतिम विदाई के बाद यह घोषणा की।
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स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी को श्रद्धांजलि देते बाबा रामदेव - फोटो : अमर उजाला
स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि राम मंदिर आंदोलन के जनक रहे हैं। उनकी इच्छा थी कि उनके ब्रह्मलीन होने से पहले वे अयोध्या में राम मंदिर बनता देखें। लेकिन उनकी ये इच्छा अधूरी रह गई। लोक कल्याण के लिए किए कार्यों का स्मरण करते हुए संतों ने उनके अधूरे कार्यों को पूरा करने का निर्णय लिया। 
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स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी के अंतिम दर्शन को पहुंचे संत - फोटो : अमर उजाला
भू-समाधि देने से पूर्व जनहित ट्रस्ट के सभागार में आयोजित शोक सभा में संतों ने स्वामी संत्यमित्रानंद गिरि के व्यक्तित्व को याद किया।योगगुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि समन्वयवादी संत थे। उन्होंने भारत माता की सेवा को ही अपना धर्म माना और मानवता की सेवा करते रहे। उनकी सेवाओं को पूरा करने के लिए समुचा संत समाज प्रयास करेगा। 

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स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी को श्रद्धांजलि देते राजनाथ सिंह - फोटो : अमर उजाला
उनकी समाधि पर चढ़ाने के लिए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की ओर से पुष्पचक्र भेजे गए। केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहुंचे जिनसे स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि के गहरे संबंध थे। वे भारत माता सेवा ट्रस्ट की ओर से आयोजित किए जाने वाले यज्ञों में भी आते रहे हैं। 
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स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी को श्रद्धांजलि देते राजनाथ सिंह - फोटो : अमर उजाला
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी अध्यात्म जगत के इस महापुरुष को अंतिम विदाई देने पहुंचे। उन्होंने भी अपनी संवेदनाओं में उन्हें भारतीय संस्कृति का महान सेवक बताया। उन्होंने कहा कि सच्चे शब्दों में संत की परिभाषा क्या होती है, यह स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि ने सबको सिखाया है। 
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