फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भगवान शिव की पुत्री के इस मंदिर में भरती हैं सबकी झोलियां

Mon, 30 Nov 2015 11:53 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 8
शायद आपको पता न हो, लेकिन हरिद्वार स्थित मंदिर में विराजमान भगवान शिव की पुत्री के दर से कोई भी खाली हाथ नहीं जाता है। तस्वीरों में देखिए...
विज्ञापन

भगवान शिव की पुत्री का वो मंदिर, जहां से कोई खाली हाथ नहीं लौटता

2 of 8
अभी तक आप केवल भगवान शिव के दो पुत्रों श्रीगणेश और कार्तिकेय के बारे में जानते थे, लेकिन अब आपको भगवान शिव की पुत्री की महिमा के बारे में बताया जा रहा है।
विज्ञापन

भगवान शिव की पुत्री का वो मंदिर, जहां से कोई खाली हाथ नहीं लौटता

3 of 8
हरिद्वार स्थित मां मनसा देवी सबकी मनोकामना पूरी करने वाली हैं। मां मनसा को भगवान शिव की मानस पुत्री के रूप में पूजा जाता है। इनके पति जगत्कारु तथा पुत्र आस्तिक हैं। इन्हें नागराज वासुकी की बहन के रूप में भी पूजा जाता है।

भगवान शिव की पुत्री का वो मंदिर, जहां से कोई खाली हाथ नहीं लौटता

4 of 8
कई पुरातन धार्मिक ग्रंथों में इनका जन्म कश्यप के मस्तक से हुआ बताया गया है। उधर, कुछ ग्रंथों में लिखा है कि वासुकि नाग द्वारा बहन की इच्छा करने पर शिव नें उन्हें मां मनसा को भेंट किया था।
विज्ञापन

भगवान शिव की पुत्री का वो मंदिर, जहां से कोई खाली हाथ नहीं लौटता

5 of 8
वासुकि इस कन्या का तेज न सह सका और पालन-पोषण के लिये इस कन्या को नागलोक के तपस्वी हलाहल को दे दिया। इसी मनसा नामक कन्या की रक्षा के लिये हलाहल ने प्राण त्यागे थे।
विज्ञापन

भगवान शिव की पुत्री का वो मंदिर, जहां से कोई खाली हाथ नहीं लौटता

6 of 8
किंवदंतियों के अनुसान मूलतः मनसा देवी आदिवासी देवी थीं, जिनका पूजन निम्न वर्ग के लोग करते थे। लेकिन धीरे-धीरे इनकी मान्यता पूरे भारत में फैल गई।
विज्ञापन

भगवान शिव की पुत्री का वो मंदिर, जहां से कोई खाली हाथ नहीं लौटता

7 of 8
14वीं सदी के बाद मां मनसा देवी को शिव के परिवार की तरह मंदिरों में आत्मसात किया गया। यह मान्यता भी प्रचलित है कि इन्होंने शिव को हलाहल विष के पान के बाद बचाया था। लेकिन एक मान्यता के अनुसार मां मनसा का जन्म समुद्र मंथन के बाद हुआ था।
विज्ञापन

भगवान शिव की पुत्री का वो मंदिर, जहां से कोई खाली हाथ नहीं लौटता

8 of 8
मां मनसा देवी के मंदिर का मार्ग हरिद्वार स्थित हरकी पैड़ी से होकर जाता है। यहां मां ऊंचे पहाड़ पर विराजमान हैं। मां के सात नामों के जाप से सर्प का भय नहीं रहता। ये नाम इस प्रकार है जरत्कारू, जगतगौरी, मनसा, सियोगिनी, वैष्णवी, नागभगिनी, शैवी, नागेश्वरी, जगतकारुप्रिया, आस्तिकमाता और विषहरी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें