फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिल गई वो जगह जहां है शिव-पार्वती के विवाह की गवाह अखंड ज्योति, तस्वीरें...

Mon, 29 Jan 2018 08:30 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 6
triyuginarayan temple
शिव-पार्वती के विवाह की गवाह अखंड ज्योति आज भी निरंतर जल रही है। जिसके दर्शन करने के लिए यहां भक्तों की भीड़ लगी रहती है।
 
विज्ञापन

2 of 6
triyuginarayana temple
इस स्थान का नाम है त्रियुगीनारायण। यह उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले में है। मंदिर में एक ज्योति हर समय जलती रहती है। इसे अखंड ज्योति कहते हैं। कहते हैं कि यह उसी समय से जलती आ रही है जब शिवजी और पार्वती के फेरे हुए। श्रद्धालु इसे बहुत पवित्र मानते हैं। 

 
विज्ञापन

3 of 6
त्र‌ियुगी नारायण मंद‌िर
मान्यता है कि इसकी ज्योति की भस्म में सुख, सौभाग्य और सफलता प्रदान करने की शक्ति है। इसलिए लोग इसे अपने माथे पर लगाते हैं। इसे लगातार जलाए रखने के लिए श्रद्धालु शुद्ध घी के साथ हवन की सामग्री डालते रहते हैं। सर्दी हो या गर्मी अथवा तेज बरसात, यह ज्योति हमेशा जलती रहती है।

 

4 of 6
shiv parvati marriage in triyugi narayan
पौरा​णिक कथाओं के अनुसार जब देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तप किया। उनके नाम पर यहां गौरी कुंड बना है जिसका जल बहुत पवित्र माना जाता है।

 
विज्ञापन

5 of 6
triyugi narayan temple
तीनों देवों के सम्मान में यहां तीन कुंड हैं। कहते हैं कि इन्हीं कुंडों में उन्होंने स्नान किया था। इस स्थान पर आदिगुरु शंकराचार्य भी आए थे। उन्होंने भगवान शिव और मां पार्वती की प्राचीन प्रतिमाएं स्थापित कराईं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
Triyuginarayan Temple
यहां अखंड ज्योति की भस्म को श्रद्धालु अपने साथ ले जाते हैं। मई से लेकर अक्टूबर के दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, क्योंकि उसी दौरान मौसम अनुकूल रहता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें