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अनोखा गांव जहां भगवान हर बृहस्पतिवार करते हैं पैसों की बरसात

Wed, 23 Aug 2017 08:13 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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mana village
अगर आप गरीब हैं तो भारत की सीमा पर मौजूद इस गांव में आइए। यहां जो भी आता है उसकी गरीबी दूर हो जाती है।
 
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mana village - फोटो : GirishRanjalTiwari
यहीं नहीं इस गांव को श्रापमुक्त जगह का दर्जा प्राप्त है। हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि व्यक्ति के जीवन में जो भी कष्ट हैं वह उसके द्वारा किए पापों के चलते होता है। यहां आने पर व्यक्ति सभी पापों से मुक्त हो जाता है।

 
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mana village - फोटो : GirishRanjalTiwari
यह जगह है उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित देश का सबसे अंतिम गांव माणा। यहीं पर माना पास है जिससे होकर भारत और तिब्बत के बीच वर्षों से व्यापार होता रहा था।

 

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माणा गांव - फोटो : AmarUjala
पवित्र बदरीनाथ धाम से 3 किमी आगे भारत और तिब्बत की सीमा स्थित इस यह गांव का नाम भगवान शिव के भक्त मणिभद्र देव के नाम पर पड़ा था।

 
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mana village - फोटो : GirishRanjalTiwari
उत्तराखंड संस्कृत अकादमी, हरिद्वार के उपाध्यक्ष पंडित नंद किशोर पुरोहित बताते हैं कि इस गांव में आने पर व्यक्ति स्वप्नद्रष्टा हो जाता है। जिसके बाद वह होने वाली घटनाओं के बारे में जान सकता है।

 
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lord shiva
डॉ. नंद किशोर के मुताबिक माणिक शाह नाम एक व्यापारी था जो शिव का बहुत बड़ा भक्त था। एक बार व्यापारिक यात्रा के दौरान लुटेरों ने उसका सिर काटकर कत्ल कर दिया।

 
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mana village - फोटो : GirishRanjalTiwari
लेकिन इसके बाद भी उसकी गर्दन शिव का जाप कर रही थी। उसकी श्रद्धा से प्रसन्न होकर शिव ने उसके गर्दन पर वराह का सिर लगा दिया। इसके बाद माना गांव में मणिभद्र की पूजा की जाने लगी।

 

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Demo pic
शिव ने माणिक शाह को वरदान दिया कि माणा आने पर व्यक्ति की दरिद्रता दूर हो जाएगी। डॉं नंदकिशोर के मुताबिक मणिभद्र भगवान से बृहस्पतिवार को पैसे के लिए प्रार्थना की जाए तो अगले बृहस्पतिवार तक मिल जाता है।

 
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mahabharat vyas pothi situated in mana village
इसी गांव में गणेश जी ने व्यास ‌ऋषि के कहने पर महाभारत की रचना की थी। यही नहीं महाभारत युद्ध के समाप्त होने पर पांडव द्रोपदी सहित इसी गांव से होकर ही स्वर्ग को जाने वाली स्वर्गारोहिणी सीढ़ी तक गए थे।
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