देवभूमि उत्तराखंड और अपने भक्तों पर आशीर्वाद बरसाने वाले भगवान बदरीनाथ अपने गढ़ में राजनीति करने वाले राजनेताओं को 'श्राप' देते हैं। जिस कारण राजनेता को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ती है।
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भगवान बदरीनाथ के दर्शन के बाद अमित शाह
ऐसा देखा गया है कि जो भी नेता धाम में हेलीकॉप्टर लेकर गया, उसे अपनी सत्ता से हाथ धोना पड़ा। इस कारण नेता और मंत्री यहां कार से ही आते हैं।
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helicopter landing in badrinath dangerous for politician
उत्तराखंड दौरे में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी इसी धारणा के चलते लामबगड़ तक हेलीकॉप्टर से आना था। लेकिन इसके बाद बदरीनाथ धाम तक वह कार से ही आए।
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लैंड करता हेलीकॉप्टर
- फोटो : Amar Ujala
देशभर में प्रसिद्घ बदरीनाथ धाम के बारे में यह धारणा सालों से चली आ रहा है।
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badrinath
- फोटो : amarujala
यह माना जाता है कि मंदिर के ऊपर हेलीकॉप्टर उड़ने से भगवान बदरीनाथ नाराज हो जाते हैं।
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Jayaprakash narayan Birthday Special: The man who brought down Indira Gandhi
कहा जाता है कि हेलीकॉप्टर लेकर धाम पहुंचे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, उत्तराखंड के पूर्व सीएम एनडी तिवारी, वीर बहादुर सिंह, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को सत्ता गंवानी पड़ी थी।
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फाइल फोटो
यूपी के पूर्व राज्यपाल सूरजभान, मोतीलाल बोरा, रोमेश भंडारी और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को भी कुर्सी गंवानी पड़ी।'
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badrinath dhaam
- फोटो : amar ujala bureau
इन राजनीतिक उठापटकों को देखने के बाद यह धारणा प्रचलित हो गई कि हेलीकॉप्टर से बदरीनाथ धाम आने के बाद उक्त नेताओं की कुर्सी छिन गई।