हमने उच्चतम शिक्षा देकर बच्चों को विश्वस्तरीय नागरिक बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए दो साल से लेकर सात साल तक के 50-60 बच्चों को पूरे देश में से चुना गया है। जिन्हें संस्कृत, अंग्रेजी, चाइनीज, फ्रैंच, स्पेनिश और जर्मनी आदि शिक्षाओं का ज्ञान दिया जाएगा। कम से कम पांच भाषाओं का ज्ञान देकर उन्हें विश्व नागरिक बनाया जाएगा। इन भाषाओं के साथ-साथ इन बच्चों को शास्त्रों का अभ्यास, जीवन के श्रेष्ठ व्रत और जीवन की श्रेष्ठ कुशलताओं को अभ्यास कराया जाएगा।