अस्थियों का विसर्जन करने के बाद विसर्जन करने वाले लोगों ने बहियों में अपने नाम भी दर्ज कराए। तीर्थ पुरोहित भी गंगा घाटों पर पहुंचे और मां गंगा की पूजा अर्चना की। मालूम हो कि 22 मार्च को जनता कर्फ्यू और 23 मार्च को प्रदेश सरकार की ओर से लॉकडाउन करने के बाद से ही हरकी पैड़ी सहित गंगा घाटों पर गंगा आरती को छोड़कर सभी कर्मकांड बंद हो गए थे।