भाबर के ग्राम पंचायत दुर्गापुर में एक ग्रामीण के घर की शौचालय में गुलदार घुसने से लोगों में हड़कंप मच गया। ग्रामीण ने सूझबूझ का परिचय देते हुए गुलदार को किसी तरह शौचालय में बंद कर तुरंत वन विभाग को घटना के बारे में सूचना दी।
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मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मशक्कत के बाद गुलदार को पिंजरे में कैद करने में कामयाब पाई। शनिवार को सुबह करीब साढ़े छह बजे दुर्गापुर में स्थानीय निवासी पुष्पा देवी ने अपने आंगन में गुलदार को घुमते देखा। गुलदार को देखते ही उसके होश उड़ गए उसके शोर मचाने पर गुलदार वहां से भाग गया। उसके बाद गुलदार खेतों के रास्ते करीब साढ़े सात बजे ग्रामीण रमापति थपलियाल के घर से लगे खेत के पास घुमते हुए दिखाई दिया।
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करीब आठ बजे उस समय क्षेत्र में हडकंम मच गया जब गुलदार रमापति के शौचालय में जा घुसा। रमाकांत ने बताया कि उसका दामाद पुरूषोत्तम फुलारा घर में बने शौचालय में गीजर से गरम पानी लेने गया, शौचालय के अंदर गुलदार को लेटे देख उसके होश उड़ गए।
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उसने अपने पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी और उनकी मदद से सूझबूझ का परिचय देते हुए शौचालय का दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद उन्होंने गांव में गुलदार घुसने की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की रैसक्यू टीम पिंजरा लेकर करीब ग्यारह बजे मौके पर पहुंच गई।
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गुलदार के बाथरूम में बंद होने की सूचना देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में फैल गई। जिसके कारण मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। रैसक्यू टीम ने बाथरूम के दरवाजे पर पिंजरा लगा दिया। लेकिन जैसे ही गुलदार को बाहर निकालने के लिए दरवाजा खोला गुलदार बाहर की ओर झपटा मारने लगा।
आक्रोशित गुलदार को देखते हुए नागरिकों की सुरक्षा के लिए वन कर्मियों ने भीड को हटाया। कुछ देर बाद लोगों की भीड़ कम होने के बाद करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के गुलदार को पिंजरे में कैद किया। लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ मयंक शेखर झा ने बताया कि दुर्गापुर से पकड़ा गया गुलदार छह वर्षीय नर गुलदार था। डाक्टरी जांच में वह पूर्ण रूप से स्वस्थ्य पाया गया है, उसे लैंसडौन के घने जंगल में छोड़ दिया गया है।