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Uttarakhand Landslide: मलबे में दफन चार जिंदगी, खतरे के साए में रहने को मजबूर लोग, दर्द बयां करतीं तस्वीरें

Sat, 22 Oct 2022 02:40 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, कर्णप्रयाग (चमोली)
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चमोली भूस्खलन - फोटो : landslide in Uttarakhand
चमोली जिले के थराली तहसील के पैनगढ़ गांव में शनिवार तड़के पहाड़ी पर भूस्खलन के बाद गिरे बोल्डरों से तीन मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इनमें से एक मकान के ऊपर भारी बोल्डर गिरा, जिससे मकान में रह रहे एक ही परिवार के चार लोगों की दबने से मौके पर ही मौत हो गई है।

घटना स्थल पर पुलिस, एनडीआरएफ एसडीआरएफ की ओर से रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। चारों शव मलबे से बाहर निकाल दिए गए हैं। घटना में दो लोग घायल हुए हैं। उन्हें सीएचसी थराली में इलाज के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।

थराली के पटवारी चंद्रसिंह बुटोला ने बताया तहसील के पैनगढ़ गांव के ऊपर लगातार हो रहे भूस्खलन से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिर रहे हैं। एक भारी बोल्डर चट्टान से निकलकर आवासीय क्षेत्र के ऊपर गिर गया। जिससे बोल्डर की चपेट में आने से एक मकान पूरी तरह से जमींदोज हो गया और उसमें रहने वाले चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है। 
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थराली में भूस्खलन - फोटो : अमर उजाला
वहीं, अन्य दो लोगों को रेस्क्यू टीम ने मलबे से निकालकर सीएचसी थराली पहुंचाया। जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। मलबे और बोल्डर गिरने से दो अन्य मकानों को भी छति पहुंची है। घटना के बाद राजस्व पुलिस की टीम पैनगढ़ गांव पहुंची। जहां पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। शनिवार सुबह क्षतिग्रस्त हुए मकान से चार शवों को निकाला गया। मौके पर एसडीआरएफ की टीम भी पहुंच गई है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
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चमोली के थराली में भूस्खलन - फोटो : अमर उजाला

खतरे के साए में रहने को मजबूर हैं पैनगढ़ गांव के लोग

पैनगढ़ गांव भूगर्भीय दृष्टि से संवेदनशील है। यहां गांव के ऊपर पहाड़ी पर पांच साल पहले दरार पड़ गई थी और जो बाद में बढ़ती गई। पिछले साल बरसात के दौरान यहां के करीब 40 परिवारों को दूसरी जगह टेंट व छानियों में सुरक्षित स्थान पर भेजा गया था। ग्रामीण दिनेश पुरोहित, सुभाष पुरोहित ने बताया कि पूरे गांव में करीब 80 परिवार रहते हैं। गांव के जिस भाग में पहाड़ी में दरार और भूस्खलन होने से खतरा बना है वहां करीब 30 परिवार निवास कर रहे हैं।

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थराली में भूस्खलन - फोटो : अमर उजाला
घटना के बाद गांव में पसरा मातम
पूरे गांव में दीपावली की तैयारियां चल रही थी। काफी संख्या में लोग दीपावली पर अपने गांव पहुंचे हैं। देर रात तक गांव के लोग पटाखे जलाकर जश्न मनला रहे थे, लेकिन शनिवार तड़के करीब 1.45 बजे हुई इस घटना ने गांव सहित पूरी पिंडरघाटी क्षेत्र को शोक की लहर छा गई है।

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चमोली में भूस्खलन - फोटो : amar ujala
दूरस्थ क्षेत्र में है पैनगढ़ गांव
पैनगढ़ गांव थराली से करीब 12 किलोमीटर दूर है। थराली से आधे रास्ते तक वाहन जाते हैं। ग्रामीणों को करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर गांव में पहुंचना पड़ता है। गांव के लोगों की आजीविका खेतीबाड़ी व नौकरी पर निर्भर है। गांव में लगातार आ रही प्राकृतिक आपदा से खेतों को भी नुकसान पहुंचा है। गांव की उपजाऊ जमीन पूरी तरह बरबाद हो गई है।  मृतकों में एक ही परिवार के चार लोग शामिल हैं। इनमें देवानंद (57) पुत्र माल दत्त सती, बचुली देवी पत्नी माल दत्त सती (75), घनानंद पुत्र माल दत्त सती (45), सुनीता देवी (37) पत्नी घनानंद शामिल हैं। 
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