शहर के मंदिरों, आश्रमों और अन्य स्थलों पर कृष्ण जन्मोत्सव की तैयारी पूरी हो चुकी हैं। गृहस्थ रविवार को जबकि वैष्णव सोमवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाएंगे इस बार जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि रोहिणी नक्षत्र व वृषभ लग्न का अद्भुत संयोग बन रहा है। इस शुभ अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की कृपा पाने के लिए भक्तजन पूरे दिन उपवास रखते हैं। सुबह और शाम पूजा-अर्चना करते हैं। रात्रि जागरण और श्रीकृष्ण के नाम पर भजन-कीर्तन करते हैं। लेकिन अगर आप 2 सितंबर को व्रत न रख पाएं तो 3 सितंबर को इस शुभ मुहूर्त में पूजन करें।