उत्तराखंड के धार्मिक स्थल में हर जन्माष्टमी के मौके पर नाग-नागिन का जोड़ा भक्तों को दर्शन देता था। लेकिन भक्तों ने ही उनके साथ कुछ ऐसा किया वह हमेशा के लिए गायब हो गए।
विज्ञापन
2 of 5
deoria tal
- फोटो : amar ujala
वर्ष 1999 से प्रतिवर्ष महोत्सव का आयोजन हो रहा है। किवदंती है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर देवरियाताल में प्राचीन काल से नाग-नागिन का जोड़ा श्रद्धालुओं को दर्शन देता था।
विज्ञापन
3 of 5
deoria tal
एक बार एक दंपति यहां पहुंचा और नाग-नागिन से बार-बार दर्शन देने को कहा। दो बार दर्शन होने के बाद भी वह नहीं माने तो तीसरी बार नाग-नागिन उन्हें अपने फन में लपेटकर ताल में समा गए।
4 of 5
krishna janmashtami
तब से नाग-नागिन ने आज तक किसी को यहां दर्शन नहीं दिए। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सैकड़ों देव भक्त इसी मनोकामना के साथ यहां आते हैं कि इस बार उन्हें उन्हें नाग-नागिन के दर्शन हो पाए।