प्रमोद ने बताया कि जिस वक्त डकैती पड़ी थी, उस समय गली में दूधवाला दूध लेने के लिए आवाज देता रह गया। यही नहीं सात बजे के बाद जैसे ही पानी आया पड़ोसियों ने मोटर चलाने के लिए आवाज लगाई लेकिन न तो कोई जवाब मिला, न कोई बाहर ही निकल सका। पड़ोसियों तक को घर में डकैती की भनक नहीं लग सकी। गली में भी सामान्य रूप से लोगों की आवाजाही बनी रही।