उत्तराखंड में पहली बार हो रहे हाईप्रोफाइल रेसलिंग शो मैच के लिए रायपुर एमपी स्पोर्ट्स कॉलेज में रिंग सज गयी है। मुंबई की ओम रील प्रोडक्टन की टीम यहां वायरलेस से अपनी टीम को निदेर्शित कर सैकड़ों मजदूरों से रिंग के चारों ओर साउंड, लाइट, स्टेज और एलईडी और बैठने की तमाम व्यवस्थाओं को चकाचक कर रहे हैं।
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सज गई रिंग, देहरादून में रेसलिंग का महामुकाबला
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शनिवार देर रात तक यहां युद्घ स्तर पर कार्य चल रहा था। ओम रील के प्रतीक
ने बताया कि यहां 17000 पब्लिक के बैठने की व्यवस्था है। 21000 स्क्वायर
फीट में वीआईपी गेस्ट बैठेंगे। साउंड इतना जबरदस्त है कि दून रॉक और
रोमांचित हो उठेगा।
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निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय राजीव गांधी स्टेडियम में संडे की शाम रेसलिंग और म्यूजिक के नाम रहेगी। देशभर से देशी और विदेशी रेसलरों के रोमांच और जोश को देखने भीड़ जुटेगी ऐसी उम्मीद है। सीटिंग कैपेसिटी के आलावा स्टेडियम के आगे-पीछे टेंट के माध्यम से एरिया कवर किया गया है। वहीं देशी-विदेशी रेसलरों की फाइट जो लोग सिर्फ टेलीविजन में देखते थे अब आमने-सामने देखेंगे।
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उन्होंने बताया कि रिंग के आस-पास 110 शार्पी लाइट, 26 बाय 18 फुट की 7
एलईडी, 20 आरसीएफ, 12 मॉनीटर लगाए गए हैं। स्टेज में लोहे और लकड़ी के एंगल
और लकड़ी की प्लाईबोर्ड लगाई गई है। रिंग सेंटर प्वाइंट में बनाई गई है
ताकि दूर से भी लोग निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय राजीव गांधी क्रिकेट
ग्राउंड के चारों ओर से दर्शक रेसलिंग का रोमांच देख सकें। साउंड इतना
रॉकिंग है कि हर कोई रोमांचित हो जाएगा।
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मुंबई की इवेंट कंपनी के कई वोलिंटियर बाकायदा वायरलेस सेट से एक दूसरे से कनेक्ट थे। कंपनी के प्रतीक शेठ अपने साथी सौरभ तकियार, शोभित तलवार, निशांत आदि के साथ मिलकर अलग-अलग पार्ट में काम निपटा रहे थे। प्रतीक शेठ ने बताया कि वह कई प्रोग्राम कर चुके हैं पर खली के साथ वह पहली बार इवेंट मैनेज कर रहे हैं।
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एक ओर जहां ग्राउंड के आस-पास और डील के आस-पास रोड चकाचक है वहीं
सहस्त्रधारा क्रासिंग से रायपुर रोड पर आगे चलते ही करीब 150 मीटर रोड इतनी
खस्ताहाल है कि आप धूल में नहाकर ही जाएंगे।
यदि आपके पास चौपहिया है तो गनीमत है लेकिन दुपहिया है तो धूल का सामना
करना ही होगा। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को शनिवार शाम तक भी कोई सुध
नहीं थी। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजन के बाद भी दून की ऐसी धूंधली तस्वीर
देश-विदेश पहुंच रही है।