फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kedarnath Temple: इस वर्ष संगम पर बने पुल से मंदिर तक पहुंचेंगे श्रद्धालु, आपदा के ग्यारह वर्ष बाद हुआ तैयार

Tue, 25 Mar 2025 11:42 AM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग

सार

दो मई से केदारनाथ यात्रा शुरू होगी। इस वर्ष पैदल और हेलिकॉप्टर से धाम पहुंचने वाले श्रद्धालु मंदाकिनी व सरस्वती नदी के संगम पर बने 54 मीटर लंबे पुल से होकर मंदाकिनी नदी किनारे निर्मित आस्था पथ के रास्ते मंदिर पहुंचेंगे।
विज्ञापन
1 of 5
 केदारनाथ संगम पर बना पुल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

आपदा के ग्यारह वर्ष बाद केदारनाथ मंदिर तक पहुंच के लिए स्थायी पैदल पुल बनकर तैयार हो गया है और इस वर्ष बाबा केदार के भक्त इसी पुल से होकर मंदाकिनी नदी किनारे बने आस्था पथ से मंदिर तक पहुंचेंगे। लोक निर्माण विभाग ने दो वर्ष में 54 मीटर लंबे पैदल पुल का निर्माण किया है।




इस पुल के बनने से हेलिपैड से मंदिर तक की दूरी भी कम हो गई है। आगामी 2 मई से केदारनाथ यात्रा शुरू होगी। इस वर्ष पैदल व हेलिकॉप्टर से धाम पहुंचने वाले श्रद्धालु मंदाकिनी व सरस्वती नदी के संगम पर बने 54 मीटर लंबे पुल से होकर मंदाकिनी नदी किनारे निर्मित आस्था पथ के रास्ते लगभग 450 मीटर की दूरी तय कर मंदिर में पहुंचेंगे।

विज्ञापन

2 of 5
केदारनाथ में हिमखंड काटकर तैयार हो रहा रास्ता - फोटो : अमर उजाला

यहां पर बाबा केदार के दर्शन कर श्रद्धालुओं को मंदिर मार्ग से वापस भेजा जाएगा। बीते दो वर्षों तक श्रद्धालु हेलिपैड से सरस्वती नदी किनारे बने आस्था पथ से होकर भैरवनाथ जाने वाले पुल से मंदिर तक पहुंच रहे थे।

विज्ञापन

3 of 5
केदारनाथ में हिमखंड काटकर तैयार हो रहा रास्ता - फोटो : अमर उजाला

इस दौरान उन्हें लगभग 800 मीटर की दूरी तय करनी पड़ रही थी। लेकिन, अब संगम पर बने पुल से यह दूरी 500 मीटर रह गई है।
 

 

4 of 5
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग से बर्फ हटाते मजदूर - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि 16/17 जून 2013 में आपदा से केदारनाथ में व्यापक नुकसान हो गया था। तब सैलाब में संगम पर बना स्थायी पुल भी बह गया था। पुल के बहने के बाद मंंदिर तक पहुंच के लिए बैली ब्रिज बनाया गया था, जिससे बीते नौ वर्ष तक यात्रा संचालित होती रही।

ये भी पढ़ें...Vikasnagar News:  मां ने अपनी सात माह की बेटी को पानी की टंकी में डुबोकर मार डाला, बीमार रहने से थी परेशान
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग से बर्फ हटाते मजदूर - फोटो : अमर उजाला
केदारनाथ पुनर्निर्माण के तहत वर्ष 2022 में इस पुल को हटाकर स्थायी पुल का कार्य शुरू किया गया था। लोक निर्माण विभाग ने विषम परिस्थितियों में करीब ढाई वर्ष में इस पुल को तैयार किया है। अब इसी पुल के सहारे केदारनाथ मंदिर तक पहुंचा जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें