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आपदा से दहला केदारनाथ धाम खुद बयां करेगा अपनी कहानी...

Mon, 10 Apr 2017 11:01 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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kedarnath - फोटो : amar ujala
केदारनाथ धाम अपने इतिहास और आपदा की कथा खुद बयां करेगा। जी हां, इसके लिए पूरी प्लानिंग कर ली गई है। 
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केदारनाथ - फोटो : AmarUjala
केदारनाथ की सुरक्षा के लिए बनाई गई 350 मीटर लंबी और 12 फीट ऊंची आरसीसी सुरक्षा दीवार पर थ्रीडी पेटिंग से केदारनाथ का इतिहास और पुनर्निर्माण की गाथा लिखी जाएगी। दो वाचिंग टावर भी यहां स्थापित किए जाएंगे, जिनकी मदद से चौराबाड़ी क्षेत्र में होने वाली मौसमी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
 
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kedarnath
मंदिर से दो सौ मीटर पीछे की तरफ बनाई गई सुरक्षा दीवार अब केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जानकारी का खजाना भी बनेगी। इस दीवार पर केदारपुरी और केदारनाथ की महिमा का वर्णन किया जाएगा। धाम का पूरा इतिहास दीवार पर लिखा जाएगा। इसके अलावा आपदा में हुए नुकसान और वर्ष 2014 से हो रहे पुनर्निर्माण कार्य की पूरी जानकारी भी इस दीवार पर अंकित की जाएगी।
 

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kedarnath wall - फोटो : AmarUjala
विदित हो कि नेहरू पर्वतारोहण संस्थान द्वारा केदारनाथ और केदारपुरी की सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा दीवार बनाई गई हैं, जिसमें पहली गेबिन वॉल, दूसरी रॉक नेट वॉल और तीसरी आरसीसी वॉल हैं। निम का दावा है कि केदारनाथ में बनाई गई तीनों सुरक्षा दीवारें वर्ष 2013 वाले जनसैलाब को रोकने में पूरी तरह से सक्षम हैं। इन दीवारों का निर्माण आईआईटी रुड़की और सीबीआरआई के विशेषज्ञों की देखरेख में किया गया है। आरसीसी दीवार के किनारे से मंदिर तक टाइल्स से पथ मार्ग भी बना हुआ है। 
 
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kedarnath wall - फोटो : AmarUjala
आरसीसी दीवार पर थ्रीडी पेंटिंग का मुख्य उद्देश्य केदारनाथ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को वहां के बारे में बेहतर से बेहतर जानकारी उपलब्ध कराना है। साथ ही आपदा के बाद पैदा हुए हालातों में किस तरह वहां पुनर्निर्माण किया गया है, यह संदेश भी देश के कोने-कोने में पहुंचाया जाएगा।
- कर्नल अजय कोठियाल, प्राचार्य नेहरू पर्वतारोहण संस्थान
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