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केदारनाथ आपदा 2013: सात साल में कितना बदला बाबा केदार के धाम का स्वरूप, तस्वीरों में देखिए...

Mon, 15 Jun 2020 08:54 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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केदारनाथ धाम, तब और अब - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में 16 जून 2013 को केदारनाथ धाम में आई जल प्रलय के जख्म तो आज तक नहीं भर सके, लेकिन पीएम मोदी की पहल से धाम का स्वरूप कुछ हद तक जरूर बदल गया है। उस वक्त और अब की ये कुछ तस्वीरें धाम के नए और आलोकिक स्वरूप को बयां करती हैं। आप भी देखिए...
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केदारनाथ धाम, तब और अब - फोटो : अमर उजाला
आज भी जब आपदा की तारीख करीब आती है, तो खौफनाक यादों के रूप में त्रासदी के जख्म हरे हो जाते हैं। ये कब भरेंगे कोई नहीं जानता। मगर समुद्रतल से 3584 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बाबा का धाम नया और अनूठा रूप धारण कर रहा है। 
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केदारनाथ धाम, तब और अब - फोटो : अमर उजाला
केदारनाथ कुछ संवर गया है, कुछ और संवरना बाकी है। केदार बाबा के अनन्य भक्त पीएम नरेंद्र मोदी केदारधाम का पुराना स्वरूप लौटाने के साथ उसे दिव्य और भव्य बनाने में व्यक्तिगत दिलचस्पी ले रहे हैं। 

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केदारनाथ धाम, तब और अब - फोटो : अमर उजाला
उनकी केदारनाथ के पुनर्निर्माण कार्यों पर सीधी नजर है। इसका परिणाम ये है कि राज्य सरकार के लिए केदारनाथ पुनर्निर्माण सर्वोच्च प्राथमिकता का प्रोजेक्ट है। 
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केदारनाथ धाम अब - फोटो : अमर उजाला
अभी कुछ दिन पूर्व ही पीएम मोदी ने राज्य सरकार को केदारनाथ को अगले 100 वर्ष के हिसाब से विकसित करने को कहा है। पिछले सात सालों में केदारनाथ में काफी कुछ बदला है और बहुत कुछ बदलना बाकी है।  
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केदारनाथ धाम पैदल मार्ग - फोटो : अमर उजाला
पुनर्निर्माण का मुख्य ध्येय दरअसल प्रदेश की आर्थिकी को मजबूती देना भी है। 2013 में जब आपदा आई तो पर्यटन राज्य उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई। 
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केदारनाथ में ध्यान गुफा - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद से ही प्रदेश और केंद्र सरकार केदारनाथ धाम के स्वरूप को सुधारने में लगी है। जिससे दुनिया में सुरक्षित यात्रा का संदेश दिया जा सके। यहां एक ध्यान गुफा भी बनाई गई है। यहां अभी भी शंकराचार्य की समाधि स्थल का निर्माण और एक म्यूजियम का निर्माण होना बाकी है।
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