केदारनाथ आपदा में पति खो ख्ुकी केदारघाटी की 208 महिलाओं के साथ सरकार ने धोखा किया है। आपदा पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि उन्हें अच्छी नस्ल की गाय नहीं दी गई। जिससे पह दूध नहीं दे रही हैं। डीएम ने मामले में जांच कराने की बात कही है।
विज्ञापन
2 of 5
kedarnath disaster
बता दें कि वर्ष 2013 में केदारनाथ आपदा में बड़ी संख्या में लोगों में मौत हुई थी। जिसमें कई महिलाओं ने अपने सुहाग तक गंवा दिए। साथ ही उनके परिवारों की आर्थिकी भी बर्बाद हो गई थी। ऐसे में उनकी जिंदगी पटरी पर लाना बहुत जरूरी था। सरकार और एनजीओ द्वारा कई प्रयास भी किए गए। लेकिन जो हुआ वह अच्छी कतई नहीं।
विज्ञापन
3 of 5
cow
रुद्रप्रयाग में विकासखण्ड स्तर पर 339 विधवाओं की सूचनी तैयार कर जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजी गई थी। इनमें सबसे ज्यादा 296 महिलाएं ऊखीमठ, 30 जखोली और 13 अगस्त्यमुनि की थी। प्रस्ताव के सापेक्ष विभाग को 208 गाय खरीदने के लिए बजट की स्वीकृति मिली।
4 of 5
cow
अनुबंध के तहत महिलाएं इन गायों को तीन वर्ष तक बेच नहीं सकती। सूत्रों के अनुसार, खरीद में भारी गड़बड़ी पाई गई। कम धनराशि की गायों को अधिक कीमत में दर्शाया गया और पीड़ित महिलाओं को बांट दिया गया।
आपदा पीड़ित महिला लीला देवी बताती हैं कि खरीदारी के दौरान गाय के चार लीटर दूध लेने की बात कही गई थी। लेकिन उन्होंने एक-डेढ़ लीटर ही दूध दिया और कुछ समय बाद तो यह भी बंद हो गया। गाय की जो कीमत दर्शायी गई वह 57 हजार 240 रुपये थी। जबकि वास्तविक कीमत 40 हजार रुपये है।