फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केदारनाथ आपदा के चार सालः ये भयानक तस्वीरें आज भी याद दिलाती हैं तबाही का मंजर

Fri, 16 Jun 2017 01:06 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 7
kedarnath dham - फोटो : file photo
आज ही के दिन चार साल पहले उत्तराखंड के प्रकृति ने कहर बरपाया था। तबाही के दौरान कुछ ऐसी भयानक तस्वीरें कैमरे में कैद हुई जो आज भी दिलों में खौफ पैदा कर देती हैं।
 
विज्ञापन

2 of 7
kedarnath
चार साल पहले, 16 जून, 2013 को उत्तराखंड में भीषण जलप्रलय आई थी। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के प्रतीक तीर्थस्थल केदारनाथ और इसके आसपास भारी बारिश, बाढ़ और पहाड़ टूटने से सबकुछ तबाह हो गया और हजारों लोग मौत के आगोश में समा गए।



 
विज्ञापन

3 of 7
केदारनाथ में मिले थे नर कंकाल
उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं के ज्ञात इतिहास में 16 जून 2013 की आपदा इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक थी। केदारनाथ में अप्रत्याशित जलप्रलय हजारों जिंदगियां ली गईं। केदारनाथ ही नहीं प्रदेश के सभी पर्वतीय जनपदों में आसमान से कहर बरपा। 
 

4 of 7
kedarnath disaster
रूद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर, पिथौरागढ़ की करीब नौ लाख आबादी आपदा से दहल उठी।  सड़कें, पुल और संपर्क मार्ग ध्वस्त हो गए। 13 नेशनल हाईवे, 35 स्टेट हाईवे, 2385 जिला व ग्रामीण सड़कें व पैदल मार्ग और 172 बड़े और छोटे पुल बाढ़, भूस्खलन और भारी बारिश में नष्ट हो गए।



 
विज्ञापन

5 of 7
kedarnath
आपदा के दौरान 4200 से ज्यादा गांवों से पूरी तरह संपर्क टूटा। 2141 भवनों का नामों-निशान मिट गया। 11759 भवनों को आशिंक क्षति पहुंची। तीन हजार से ज्यादा भवनों को सामान्य हानि हुई। 995 सरकारी भवन जिनमें स्कूल भवन भी शामिल थे, का अस्तित्व मिट गया। 11091 मवेशी मारे गए। 1308.96 हेक्टेयर कृषि भूमि बह गई। 


 
विज्ञापन

6 of 7
special photo gallery on kedarnath disaster
आपदा में 4400 से अधिक लोग मारे गए थे। 16 जून 2013 की आपदा में करीब 4435 लोग मारे गए या लापता हो गए। इनमें 991 मृतक उत्तराखंड के थे, जिनमें बड़ी संख्या केदारनाथ धाम में पूजा-पाठ और होटल के कारोबार से जुड़े लोगों की थी। प्रशासन ने 197 लोगों के शव बरामद किए।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
केदारनाथ आपदा - फोटो : amar ujala
सर्च आपरेशन में करीब 555 कंकाल खोजे गए, जिनमें से डीएनए जांच के बाद 186 की पहचान हो सकी। सर्च आपरेशन के दौरान एयरफोर्स और एनडीआरएफ के 18 जवान भी मारे गए। 26 सरकारी कर्मचारियों की मौत हुई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें