केदारनाथः ग्राउंड जीरो की हकीकत
Mon, 30 Jun 2014 01:49 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, देहरादून
आइए ग्राउंड जीरो से ली गई इन तस्वीरों के जरिए जानते हैं आपदा के एक साल बाद केदारनाथ धाम की हकीकत...(फोटोः सुधाकर भट्ट)
केदारनाथः ग्राउंड जीरो की हकीकत
केदारनाथ में अब बर्फ पिघल चुकी है। केदारनाथ यात्रा जारी है और इसी बीच घाटी में निमार्ण कार्य भी किया जा रहा है।
केदारनाथः ग्राउंड जीरो की हकीकत
घाटी में कहीं पैदल मार्ग बनाया जा रहा है तो कहीं वायर क्रेट लगाए जा रहे हैं। धाम में 750 से ज्यादा मजदूर काम में लगे हुए हैं।
केदारनाथः ग्राउंड जीरो की हकीकत
पैदल रास्ते पर जुटी स्पेशल टास्क फोर्स और एनआईएम ने मिलकर लिंचौली से रुद्र टॉप तक का करीब तीन किलोमीटर का ही नया रास्ता तैयार कर लिया है।
केदारनाथः ग्राउंड जीरो की हकीकत
पहले जितने तो नहीं पर शिव बोल के साथ दूसरे राज्यों के यात्री केदारधाम की ओर रुख कर ही रहे हैं।
केदारनाथः ग्राउंड जीरो की हकीकत
केदारधाम के कपाट खुलते वक्त जून 2013 की भवायह त्रासदी के कई बदनुमा दाग बर्फ की सफेद चादर में छुपे थे।
केदारनाथः ग्राउंड जीरो की हकीकत
एक साल पहले इसी तरफ से केदारनाथ धाम में आया था मलबे का सैलाब।
केदारनाथः ग्राउंड जीरो की हकीकत
बर्फ पिघली तो वह दाग एक बार फिर उभर आए हैं। इन दागों को बहुत हद तक रंग रोगन कर छिपाने का काम भी जारी है।
केदारनाथः ग्राउंड जीरो की हकीकत
मंदिर की ओर बढ़ने वाले रास्ते पर टूटे मकान, हवा में झूलती टिन शेड आपदा की चीख-चीख कर गवाही दे रही हैं।
केदारनाथः ग्राउंड जीरो की हकीकत
केदारनाथ में ही स्थित उरेडा का 100 किलोवाट की पनबिजली परियोजना शुरू हो चुकी है। पर मंदिर के आसपास बड़े-बड़े पत्थरों का जमावड़ा जस का तस है।