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Kashipur Firing Case: गुरजीत की हत्या से उठा मासूमों के सिर से मां का साया, महिलाओं के बीच थीं खासी लोकप्रिय

Sat, 15 Oct 2022 10:04 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, काशीपुर
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kashipur firing case - फोटो : अमर उजाला
ईश्वर में अगाध आस्था रखने वाली गुरजीत कौर अपने सौम्य स्वभाव से कुंडा से गढ़ीनेगी तक महिलाओं के बीच खासी लोकप्रिय थीं। अपने व्यवहार और सूझबूझ से उन्होंने पूरे परिवार को एक सूत्र में पिरोया हुआ था। गुरजीत की हत्या से दो मासूमों के सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया। क्षेत्रवासी भी गुरजीत के निधन से सदमे में हैं। कुंडा के ग्राम भरतपुर में खनन माफिया जफर की तलाश में दबिश देने आई ठाकुरद्वारा पुलिस के साथ ज्येष्ठ उप प्रमुख गुरताज सिंह भुल्लर के परिजनों का विवाद हो गया था। इस दौरान हुई फायरिंग में भुल्लर की पत्नी गुरजीत कौर की हत्या हो गई। गुरजीत की हत्या से परिवार में शोक छा गया। वह अपने पीछे पांच साल की बेटी रिदम और चार माह के मासूम बेटे जोरावर को छोड़ गई है। 
 
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kashipur firing case - फोटो : एएनआई
मृतका के पिता जितेंद्र सिंह उर्फ बिट्टू अपने परिवार के साथ टांडा उज्जैन में रहते हैं। बच्चों की पढ़ाई के चलते वह ग्राम गिरधई मुंशी में बना मकान छोड़ आए हैं। उन्होंने तीनों बेटियों को पढ़ाया और दो बेटियों की शादी कर दी। बेटा ईष्टपाल अभी पढ़ रहा है।

 
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पति गुरताज के साथ गुरजीत कौर - फोटो : अमर उजाला
जितेंद्र ने बताया कि 12 अक्तूबर की शाम करीब पौने सात बजे एक रिश्तेदार ने फोन कर उन्हें बताया कि यूपी पुलिस ने गुरजीत कौर की गोली मारकर हत्या कर दी है। वह अपनी पत्नी जसवीर कौर के साथ अस्पताल पहुंचे। बेटी का शव देखकर बेसुध हुई जसवीर को किसी तरह संभाला। जितेंद्र ने बताया कि उन्होंने तीन बेटियों को बेटा बनाकर पाला है। 


 

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पति गुरताज के साथ गुरजीत कौर - फोटो : अमर उजाला
गुरजीत परिवार की बड़ी बेटी थी। 1989 में पैदा हुई गुरजीत ने काशीपुर के चंद्रावती कन्या महाविद्यालय से बीकॉम पास किया। शादी के बाद उसने पूरे गांव को अपना परिवार मान लिया। देवरानी को वह छोटी बहन की तरह प्यार करती थी। उसकी मौत होने पर देवरानी भी रोते-रोते कई बार बेहोश हुई। 

 
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
भुल्लर से मिलने आने वाले सभी लोगों का वह आदर सत्कार करती थी। परिवार को समय देने के साथ ही वह अखंड पाठ, कीर्तन आदि भी नियमित करती थीं। वह पिछले दो वर्षों से गढ़ीनेगी साधन सहकारी समिति में लिपिक के पद पर थीं। किसान मंजीत सिंह ने बताया कि उनका व्यवहार सभी लोगों के प्रति अच्छा था। घटना के बाद से जसपुर क्षेत्र की तीनों सहकारी समितियां बंद हैं।

 
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kashipur firing case - फोटो : अमर उजाला
यूपी पुलिस ने मासूम बच्चों से मां और मुझसे मेरी पत्नी छीन ली
वहीं, पत्रकार वार्ता में आंसुओं से डबडबाई आंखों और भर्राए गले से जसपुर के ज्येष्ठ उप प्रमुख गुरताज सिंह भुल्लर ने कहा कि यूपी पुलिस ने पांच माह और चार वर्ष के बच्चों से उनकी मां और मुझसे मेरी पत्नी छीन ली और मेरे ही खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा दिया। 
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kashipur firing case - फोटो : एएनआई
मेरे जैसे भाजपा नेता के खिलाफ जब ऐसा हो रहा है तो आम जनता के साथ क्या करेगी यूपी पुलिस।’ उन्होंने कहा कि मैं तो सरकार का जनप्रतिनिधि भी था फिर भी मेरे साथ ये सब हुआ। ज्येष्ठ उप प्रमुख गुरताज भुल्लर और उनके ससुर जितेंद्र सिंह ने गुरजीत कौर हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। 

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गुरजीत का पति - फोटो : अमर उजाला
काशीपुर में यूपी पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प में जान गंवाने वाली महिला के पति गुरताज सिंह ने कहा कि मेरी पत्नी सरकारी कर्मचारी थी। जो मेरे साथ हुआ किसी और के साथ ऐसा न हो। दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है। दोनों जगह पुलिस सरकार के अंदर है। मैं सरकार से CBI जांच की मांग करता हूं।

 

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kashipur firing case - फोटो : अमर उजाला
पत्रकारों से बात करते हुए गुरताज ने कहा कि घटना वाले दिन ही वह दिल्ली से लौटे थे। थके होने के कारण वह पत्नी से मिले बगैर सोने चले गए। इसी दौरान सादी वर्दी में पहुंची यूपी पुलिस ने उनके घर में घुसकर उत्पात मचाया। शोर सुनकर वह जगे। इस दौरान यूपी पुलिस के कर्मियों ने उनकी पत्नी की हत्या कर दी। 

 
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
भुल्लर ने रुआंसा होते हुए कहा कि मेरे मासूम बच्चों की मां को इंसाफ नहीं मिल रहा है जबकि उत्तराखंड और यूपी में उनकी सरकार है। उन्होंने इस हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। भुल्लर ने यूपी पुलिस की ओर से थोपे गए मुकदमे खत्म करने की भी मांग की।
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