ज्योतिषाचार्य के मुताबिक भरणी अथवा रोहिणी नक्षत्र का संयोग यदि कार्तिक पूर्णिमा के दिन प्राप्त हो जाए तो वह विशेष फलदाई होता है, इसलिए यह पूर्णिमा बेहद फलदाई है। इस दिन स्नान, ध्यान, पूजा, यज्ञ और अनुष्ठान किए जाने पर उसका दोगुना फल प्राप्त होता है। उनके मुताबिक पूर्णिमा पर सत्यनारायण व्रत एवं कथा सुनने का भी बड़ा महत्व है।