फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कारगिल युद्ध में शहीद हुए थे पिता, बेटे ने 19 साल बाद दी ऐसी श्रद्धांजलि कि हर भारतीय ने किया सलाम

Thu, 26 Jul 2018 11:34 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 6
hitesh
इस बेटे के पिता ने कारगिल युद्ध में अपनी जान न्यौछावर कर दी। 19 साल बाद शहीद के बेटे ने ऐसी श्रद्धांजलि दी कि हर भारतीय ने उसके जज्बे को सलाम किया।
विज्ञापन

2 of 6
hitesh family
जिस बटालियन में रहकर पिता देश रक्षा के लिए शहीद हुए बेटे ने 19 साल बाद उसी बटालिय में लेफ्टिनेंट बनकर अपने पिता को श्रद्धांजलि दी। लांस नायक बचन सिंह साल 1999 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए कारगिल युद्ध में लड़ते हुए शहीद हो गए थे। वहीं उनके बेटे हितेश ने भी देहरादून में आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद खुद को देश सेवा के लिए  समर्पित कर दिया।
 
विज्ञापन

3 of 6
फॉयर गन
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जब हितेश के पिता शहीद हुए थे तब वे सिर्फ छह साल के थे।  लेकिन पिता के शहीद होने के बाद उनकी आखिरी इच्छा पूरी करने के लिए उन्होंने जी जान एक कर दी।हितेश बचपन से ही वह आर्मी में शामिल होने का सपना देखा करता थे और उसी सपने के साथ वे बड़े हुए। आखिरकार नौ जून 2018 को वो पल आ ही गया जब उन्होंने अपने पिता को उनकी ही बटालियन में लेफ्टिनेंट बनकर श्रद्धांजलि दी।
 

4 of 6
कारगिल विजय दिवस
बच्चन सिंह राजपूताना राइफल्स की दूसरी बटालियन में तैनात थे। वे 12 जून 1999 को तोलोलिंग में जंग के मैदान में शहीद हो गए थे। हितेश कुमार ने भी राजपूताना राइफल्स जॉइन की है।

 
विज्ञापन

5 of 6
हितेश कुमार
हितेश का कहना है कि, 'पिछले 19 सालों से मैं सेना में शामिल होने के सपने देखा करता था। पिता के शहीद हो जाने के बाद मेरी मां चाहती थी मैं सेना में जाऊं और देश की सेवा करूं। मैं अपनी खुशी शब्दों में बयां नहीं कर पा रहा हूं।'

 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
- फोटो : PTI
जानकारी के मुताबिक, हितेश के छोटे भाई हेमंत भी सेना में जाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं हितेश की मां का कहना है कि, पति के शहीद होने के बाद उन्होंने पहले ही सोच लिया था कि वे अपने दोनों बेटों को भी देश सेवा के लिए भेजेंगी। हितेश ने वो सपना पूरा किया है। यही उसके पिता के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें