हरि की नगरी हरिद्वार में कांवड़ मेले के आरंभ में ही पंचक लग जाने का असर कांवड़ियों के आगमन पर पड़ा है। अभी सावन लगने में तीन दिन बाकी हैं, लेकिन सैकड़ों कांवड़िए हरिद्वार पहुंच गए हैं।
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तस्वीरों में देखें, हरि की नगरी में शिव भक्तों का रैला
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इनकी मंशा पंचक लगने से पूर्व अधिक से अधिक संख्या में लौटने की है। गौरतलब है कि सावन मास पहली अगस्त को शुरू होगा। उस दिन सायं 6:30 बजे पांच दिनों के पंचक लग रहे हैं। इसमें कई क्षेत्रों के कांवड़िए कांवड़ नहीं उठाते।
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परिणाम स्वरूप दूर जाने वाले शिवभक्त पंचक लगने से पूर्व गंगाजल भरकर लौटना चाहते हैं। 31 जुलाई को गुरुपूर्णिमा की शाम करीब चार बजे से प्रतिपदा लग जाएगी। तभी से इनकी वापसी शुरू हो जाएगी।
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सावन के पहले दिन सायंकाल तक का समय पंचक रहित कांवड़ उठाने के लिए मिल जाएगा। पंचकों का समापन पांच अगस्त को रात्रि करीब नौ बजे होगा। तब तक यात्रा धीमी गति से चलने के आसार हैं।
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आने वाले कांवड़ियों में सर्वाधिक संख्या राजस्थान के कांवड़ियों की है। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र तक से शिवभक्तों का आगमन हुआ है। पंचक के चलते हरियाणा के कई भागों से कांवड़िए बुधवार को पहुंच गए। आमतौर पर हरियाणा के कांवड़िए श्रावण लगने के कुछ दिन बाद आते हैं।