कांवड़ मेला सकुशल संपन्न हो गया है, लेकिन कांवड़ यात्री 35 हजार मीट्रिक टन कूड़ा छोड़कर चले गए हैं। जिसकी सफाई करना नगर निगम प्रशासन के लिए कड़ी चुनौती बना है। हालांकि, नगर निगम प्रशासन की ओर से सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है। उसका कहना है कि सफाई व्यवस्था को जल्द पटरी पर ला दिया जाएगा।
वहीं, रविवार को नगर निगम युद्ध स्तर पर शहर की सफाई में जुट गया है। शहर से 48 घंटों में तीन शिफ्टों के सफाई अभियान में 4680 मीट्रिक टन कूड़ा साफ कर दिया गया है, हालांकि अब भी निगम के सामने 25,320 मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण की चुनौती है।
चार जुलाई से शुरू हुए कांवड़ मेले में चार करोड़ से भी ऊपर कांवड़ यात्रियों ने हर की पैड़ी से जल भरा है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की कड़ी मेहनत से कांवड़ मेला भी सकुशल संपन्न हो गया है। लेकिन कांवड़ मेले में कांवड़ यात्रियों की ओर से शहर को गंदा कर दिया गया है। जिससे गंगा घाटों के साथ ही तमाम क्षेत्रों में जगह-जगह कूड़े और प्लास्टिक की पन्नी के ढेर लगे हैं।
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हरिद्वार में कांवड़ मेले के बाद कूड़ा
- फोटो : अमर उजाला
रोड़ी बेलवाला, पंतद्वीप, ऋषिकुल मैदान, हर की पैड़ी क्षेत्र और गंगा किनारे फैली गंदगी की दुर्गंध से बुरा हाल है। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी खतरा पैदा हो गया है।
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हरिद्वार में कांवड़ मेले के बाद कूड़ा
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि, कांवड़ मेला क्षेत्र में प्रशासन की ओर से कूड़ेदान लगाए गए थे, लेकिन कूड़ेदान पटने से उनके किनारे कूड़ा पड़ा हुआ है। गंगा घाट भी कूड़े से भरे हैं। प्लास्टिक के ढेर जहां-तहां पड़ा है।
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हरिद्वार में कांवड़ मेले के बाद कूड़ा
- फोटो : अमर उजाला
नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती का कहना है कि कांवड़ मेला संपन्न होने के बाद पूरे मेला क्षेत्र में कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव शुरू कर दिया गया है। कूड़ा उठाने के लिए वाहनों को लगाया गया है। जल्द ही घाटों समेत शहर को स्वच्छ कर दिया जाएगा।
हरिद्वार में कांवड़ मेले के बाद कूड़ा
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि इस साल की कांवड़ यात्रा ने पिछले सभी सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। चार करोड़ 7 लाख कांवड़िये इस बार पहुंचे हैं। जबकि पिछले साल तीन करोड़ 80 लाख कांवड़िये हरिद्वार पहुंचे थे।