कांवड़ यात्रा
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हरिद्वार में अधिकतर कांवड़ मार्ग नहर पटरी किनारे बना है, जिसमें घास है। हर कदम पर घुंघरू की आवाज कांवड़ियों की सुरक्षा करती है। डमरू की आवाज भी सांप-बिच्छुओं से उनको सुरक्षित रखती है। बता दें कि 14 जुलाई से शुरू हुई कांवड़ यात्रा में पांच दिन में 23 लाख से अधिक कांवड़िए धर्मनगरी पहुंच चुके हैं।