कांवड़ यात्रा के लिए एक कांवड़िए को सख्त नियमों को पालन करना होता है। परिजन भी उस दिन से ही नियम में बंध जाते हैं, जिस दिन से घर से कोई यात्रा पर निकलता है। दोनों में से किसी ने नियम का उल्लंघन किया तो बताया जाता है कि दूसरे को बेहद तकलीफ उठानी पड़ती है।