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Joshimath Is Sinking: पानी के ’दस्तखत' बताएंगे टनल से रिसाव की हकीकत, तपोवन सुरंग के नीचे देख चौंक गए विशेषज्ञ

Sun, 08 Jan 2023 12:57 PM IST
रेनू सकलानी विशेष प्रतिनिधि, जोशीमठ
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जोशीमठ में दरक रहा पहाड़ - फोटो : अमर उजाला
हरी भरी वादियों के बीच बसे जोशीमठ की पथरीली जमीन और पहाड़ के किनारों से जिस तरह पानी का रिसाव हो रहा है ठीक वैसा ही रिसाव एनटीपीसी की तपोवन टनल के नीचे देख विशेषज्ञ चौंक गए। जोशीमठ से करीब 18 किमी. दूर इस टनल के बाहर यह रिसाव ऋषिगंगा नदी के मुहाने पर हो रहा है। रिसाव का पानी टनल का है।

हाइड्रोलॉजी के वैज्ञानिकों ने पानी के नमूने ले लिए हैं। अब वे दोनों जगह के नमूनों के सिग्नेचर का मिलान करेंगे। इससे पता चलेगा कि जोशीमठ में रिसाव का इस टनल से कोई कनेक्शन है या नहीं। जोशीमठ में तेजी से हो रहे भू-धंसाव के पीछे स्थानीय लोग एनटीपीसी की तपोवन-विष्णुगाड़ परियोजना की टनल निर्माण को जिम्मेदार मान रहे हैं।



उनका यह भी आरोप है कि टनल की वजह से ही पानी उनके घरों तक पहुंच गया है। जोशीमठ के लोगों के टनल की वजह से भू-धंसाव के आरोपों से एक सप्ताह में पर्दा हट जाएगा। रुड़की के राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान (एनआईएच) के वैज्ञानिक डॉ. गोपाल कृष्ण, ने बीते दो दिन जोशीमठ, टनल और दोनों के बीच दो अन्य रिसावों के सैंपल एकत्र किए।
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जोशीमठ - फोटो : अमर उजाला
एनआईएच के वैज्ञानिकों ने इसका अध्ययन भी शुरू कर दिया है। इस संस्थान का मकसद ही जलविज्ञान के समस्त पहलुओं पर वैज्ञानिक कार्यों में सहयोग देना और व्यवस्थित रूप से इनका समन्वयन करना है।
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घरों में पड़ी दरारें - फोटो : अमर उजाला
इसी एनएचआई की टीम ने जोशीमठ के मकानों से रिस रहे पानी और टनल के भीतर जाकर वहां के पानी, बाहर बह रहे पानी के अब तक कोई आधा दर्जन सैंपल लिए हैं।

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वैज्ञानिक डॉ. गोपाल कृष्ण - फोटो : अमर उजाला
एनआईएच के वैज्ञानिक डॉ. गोपाल कृष्ण ने अमर उजाला को बताया कि चारों सैंपल का अध्ययन किया जाएगा। इनका पीएफ और आईसोटॉप देखे जाएंगे, जिससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि टनल से बहने वाले पानी और जोशीमठ के मकानों में आ रहे पानी में कोई समानता है या नहीं।
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सीएम धामी पहुंचे जोशीमठ - फोटो : अमर उजाला
अगर इसमें समानता मिलती है तो निश्चित तौर पर यह तय माना जाएगा कि टनल का पानी वहां तक पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि अमूमन सप्ताह भर में वॉटर सिग्नेचर मैचिंग की रिपोर्ट आ जाती है।

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जोशीमठ - फोटो : अमर उजाला
क्या है वॉटर सिग्नेचर
वॉटर या हाइड्रोलॉजिक सिग्नेचर क्वांटिटेटिव इंडेक्स हैं जो हाइड्रोलॉजिक डेटा सीरीज के गतिशील गुणों का वर्णन करते हैं। ये एक तरह से पानी का डीएनए जांच लेते हैं। टनल और जोशीमठ के रिसाव का डीएनए अगर मैच हो गया तो इस विपदा का पूरा ठीकरा एनटीपीसी की तपोवन-विष्णुगाड़ परियोजना पर फूटना तय है। 
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