जोशीमठ में घरों से पानी का रिसाव
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बारिश का पानी बढ़ा सकता है भू-धंसाव
डीबीएस पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य और वरिष्ठ भूगर्भ विज्ञानी डॉ. एके बियानी की मानें तो जोशीमठ में अत्यधिक बारिश होने पर भू-धंसाव की गति और बढ़ सकती है। भू-धंसाव के कारण तमाम सेफ्टी टैंक भी लिकेज हुए होंगे, जिनका पानी भी रास्ता तलाशेगा। बारिश का पानी इसके साथ मिलकर नए स्रोतों को जन्म दे सकता है। इससे भू-कटाव बढ़ेगा। जोशीमठ के ज्यादातर ढलान अस्थिर हैं। यह ग्लेशियर के मलब से बने हैं, जिन्हें वैज्ञानिक भाषा में मोरेन कहा जाता है। ऐसी स्थिति में जब पानी को बाहर निकलने का रास्ता मिलता है, तो मिट्टी बह जाती है और बोल्डर के बीच खाली स्थान बन जाता है। इसके कारण जब यह बोल्डर खुद एडजस्ट करते हैं तो जमीन की ऊपरी परत पर दरारें उभर आती हैं।