हर साल बर्फ के साथ अठखेलियां करने आने वाले पर्यटकों के लिए यह साल परेशानी भरा नजर आ रहा है। एक ओर जहां उन्हें भू धंसाव का डर सता रहा है तो दूसरी ओर अब तक बर्फबारी न होने से भी निराश है। जोशीमठ और इससे जुड़े औली में हर साल हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं। इस साल भी बुकिंग बढ़ने लगी थी। होटल सजने लगे थे।
बर्फबारी का इंतजार और पर्यटकों से गुलजार होने के पल आने ही वाले थे कि इससे पहले भू-धंसाव की त्रासदी शुरू हो गई। जो पर्यटक दो से तीन हफ्ते की बुकिंग करके यहां बर्फबारी का आनंद लेने आए हैं, वह भी अब डरने लगे हैं। विशाखापत्तनम से आए कौशिक ने बताया कि वह तीन हफ्ते के लिए यहां आए थे।
फिलहाल उनके साथ दो लोग और आए हुए हैं, लेकिन अभी कई साथी और आने वाले हैं। इस बीच यहां स्थानीय लोगों ने बताया कि जोशीमठ नीचे की ओर धंस रहा है। कई लोगों के घर गिर गए हैं। अभी उन्हें यहां एक हफ्ता हुआ है। उन्होंने नृसिंह मंदिर देखा है। आदि शंकराचार्य का गद्दीस्थल देखा है। औली जाने की भी योजना थी लेकिन अभी तक बर्फबारी नहीं हुई है।