फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Joshimath: मौसम की मेहरबानी, न बरसे आसमान से पानी...प्रभावित कर रहे प्रार्थना, नृसिंह मंदिर में हुआ यज्ञ

Mon, 16 Jan 2023 02:53 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ।
विज्ञापन
1 of 5
आपदा ने जोशीमठ में खड़ा किया बड़ा संकट। - फोटो : अमर उजाला
आपदा प्रभावित भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि अभी बारिश न आए। ऐसे ही धूप खिली रहे तो उनका सामान बच सकता है। जोशीमठ क्षेत्र में छिटपुट मौसम खराब होने के बाद मौसम सामान्य बना हुआ है। दिनभर धूप खिल रही है। हालांकि कुछ देर के लिए थोडी बारिश हुई, लेकिन रात को मौसम खुल गया था।

मौसम में ठंडक बरकरार है। सुबह और रात को तापमान एक डिग्री तो दिन में 12 डिग्री तक पहुंच रहा है। जिससे कोरी ठंड से आपदा प्रभावितों के मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों ने अपने घर तो खाली कर दिए हैं, लेकिन घर के जरुरी सामान भवन की छत में यहा आंगन में ढकाकर रखी है।

इस सामान को लोग किराए के घरों में और अपने रिश्तेदारों के यहां भेज रहे हैं। सूरज कपरवाण का कहना है कि भगवान की मेहरबानी ही है कि अभी तक बारिश और बर्फबारी ज्यादा नहीं हुई। दो दिन पहले ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी तो हुई है, लेकिन निचले क्षेत्रों में बारिश कम हुई। जिससे राहत मिली है।
विज्ञापन

2 of 5
घर छूटता देख भावुक हुई महिला। - फोटो : अमर उजाला
सुनील वार्ड निवासी मीना देवी का कहना है कि पिछले सालों तक दिसंबर माह से ही बारिश औैर बर्फबारी शुरु हो जाती थी, लेकिन इस बार मौसम की मेहरबानी बनी है।
विज्ञापन

3 of 5
जोशीमठ में प्रर्थना करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
क्षेत्र की सुख, समृद्घि व खुशहाली के लिए देव पुजाई समिति व व्यापार संघ की ओर से नृसिंह मंदिर परिसर में यज्ञ का आयोजन किया गया।

4 of 5
विस्थापन का दर्द - फोटो : अमर उजाला
मकर सक्रांति पर्व पर आयोजित इस यज्ञ में जिले के प्रभारी मंत्री धन सिंह रावत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी प्रतिभाग कर यज्ञाहूतियां दी।

ये भी पढ़ें...Joshimath Is Sinking: भू-धंसाव से सबक, पहाड़ के विकास का होगा अब अलग मॉडल, इन शहरों में भी निर्माण की बाढ़

विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
अपने घर खाली करते जोशीमठ के लोग - फोटो : अमर उजाला
बदरीनाथ के पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल के साथ ही अन्य आचार्य ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चारण किया। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें