फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Joshimath: असुरक्षित भवन पर ध्वस्तीकरण का स्टीकर, रिपोर्ट में सूक्ष्म दरार, प्रशासन की बात से पीड़ित को झटका

Sun, 29 Jan 2023 11:09 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 5
अपने घर खाली करते जोशीमठ के लोग - फोटो : अमर उजाला

नगर में आपदा को लेकर जांच कर रहे अधिकारी संजीदा नजर नहीं आ रहे हैं। यहां एक भवन जर्जर हो चुका है। उस पर असुरक्षित और ध्वस्तीकरण का स्टीकर लगाया गया है, लेकिन प्रशासन की रिपोर्ट में यहां सूक्ष्म दरार बताई जा रही है।

जब भवन स्वामी ने इसकी शिकायत प्रशासन से की, तब प्रशासन के अधिकारियों ने फिर से टीम भेजकर जांच कराने की बात कही। मनोहर बाग वार्ड में चंडी प्रसाद बहुगुणा का मकान है। चंडी प्रसाद का कहना है कि कुछ दिन पहले तक उनके घर में हल्की दरारें थीं, लेकिन फिर अचानक दरारें बढ़ने लगी।

करीब एक सप्ताह पहले अधिकारियों ने उनके घर पर लाल स्टीकर लगाकर इसे असुरक्षित घोषित कर दिया। साथ ही ध्वस्तीकरण का भी स्टीकर लगाया गया है। स्टीकर लगते ही मकान में रह रहे किरायेदारों ने भवन खली कर दिया। चंडी प्रसाद परिवार के साथ अपने पुराने मकान में चले गए।

विज्ञापन

2 of 5
जोशीमठ भू-धंसाव: महिलाओं में आक्रोश - फोटो : अमर उजाला

वहां फिलहाल अभी दरार नहीं हैं। किरायेदारों के खाली करने के संबंध में प्रशासन को सूचना देने वह तहसील गए तो वहां बताया गया कि आपके मकान में तो सूक्ष्म दरार हैं, फिर क्यों खाली कर रहे हो। यह सुनकर वह दंग रह गए।

विज्ञापन

3 of 5
घरों में पड़ी दरारें - फोटो : अमर उजाला

चंडी प्रसाद ने बताया, उन्होंने इस बारे में एसडीएम से बात की, उन्हें घर में पड़ी दरारों की तस्वीर दिखाई, तब उन्होंने फिर से टीम भेजने की बात कही। उनका कहना है कि यहां हर दिन प्रशासन के अधिकारी आकर रिपोर्ट ले रहे हैं, उसके बावजूद उनके मकान में सूक्ष्म दरारें दिखाई जा रही हैं।

4 of 5
आपदा ने जोशीमठ में खड़ा किया बड़ा संकट। - फोटो : अमर उजाला

चंडी प्रसाद ने बताया, मकान में दरारें लगातार बढ़ रही हैं। दो दिन पहले घर के अंदर बनी सीमेंट की आलमारी गिर गई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि दरारें किस तरह से बढ़ रही हैं।

ये भी पढ़ें...Joshimath: पुनर्वास और राहत पैकेज के विकल्पों की तलाश, बेनाप भूमि पर बसे हैं सैकड़ों, अब मुआवजे में दिक्कत

 

विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
घरों में पड़ी दरारें - फोटो : अमर उजाला
जब जांच टीम वहां गई थी, तब दरारें कम थीं, इसलिए रिपोर्ट में सूक्ष्म दरार दिख रही है। अब दरार बढ़ गई होगी तो फिर टीम भेजकर सर्वे किया जाएगा। उसके बाद इसे असुरक्षित की श्रेणी में रखा जाएगा। - कुमकुम जोशी, एसडीएम जोशीमठ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें