आपदा प्रभावितों को क्षतिग्रस्त मकान के मुआवजे के रुप में चेक वितरित होने के बाद उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वे जोशीमठ में ही रहेंगे, यहीं सुरक्षित जगह पर जमीन लेकर मकान बनाएंगे। प्रभावितों के आंसू उनका दर्द बयां कर रहे हैं।
सेना से सेवानिवृति के बाद अपनी जमापूंति से मकान बनाया, लेकिन भू-धंसाव में मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। अब प्रशासन की ओर से 36 हजार 527 वर्ग मीटर की दर पर मुआवजा राशि दी है, इससे संतुष्ट हूं, जोशीमठ छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे, यहीं सुरक्षित स्थान पर मकान बनाकर रहेंगे। सरकार की ओर से उचित मुआवजा दिया गया है। - मंगलू लाल, आपदा प्रभावित, गांधीनगर।
- सुनील वार्ड में भू-धंसाव से कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हमारा मकान भी रहने लायक नहीं रह गया था। मकान पर दरारें ज्यादा आ गई हैं। हमें मकान के मूल्यांकन के हिसाब से मुआवजा राशि मिल गई है। सरकार की ओर से निर्धारित मानकों के आधार पर ही राहत पैकेज दिया गया है। जोशीमठ को छोड़कर नहीं जाएंगे। - कृष्णा पंवार, सुनील वार्ड के प्रभावित