जोशीमठ में मंगलवार को मौसम साफ बना हुआ है। वहीं, होटलों के ध्वस्तीकरण का काम भी जारी है। मनोहर बाग वार्ड में मंगलवार सुबह अचानक तहसील जाने वाले रास्ते की दीवार टूट गई। यह मार्ग मुख्य बाजार को भी तहसील से जोड़ता है और यहां आसपास के भवनों में भी दरारें हैं। हालांकि दीवार बारिश से टूटी या दरार से यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। दीवार गिरने से रास्ता तो बंद नहीं हुआ है लेकिन इसका एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है।
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वहीं, बुधवार से जोशीमठ में सभी स्कूल खुल रहे हैं। जिसके चलते अब स्कूलों मे रहने वाले प्रभावितों को दूसरे स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा। भू-धंसाव से प्रभावित जोशीमठ में विद्यालयों को खोलने में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। यहां कुछ विद्यालयों में राहत शिविर बनाए गए हैं जबकि कई बच्चे राहत शिविरों में रह रहे हैं। सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी जोशीमठ के कार्यालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई जिसमें निर्णय लिया गया कि सिर्फ संस्कृत महाविद्यालय में राहत कैंप चलता रहेगा, शेष अन्य विद्यालयों से प्रभावितों, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। हालांकि अभी उन्हें शिफ्ट नहीं किया गया है।
वहीं, जोशीमठ नगर के सभी विद्यालय बुधवार से संचालित होंगे। ऐसे में आपदा प्रभावित ऐसे परिवार जो किराये के भवन में चले गए थे लेकिन विद्यालय वहां से दूर पड़ रहा था उन्होंने विद्यालयों के आसपास नए किराये के भवन तलाशने शुरू कर दिए हैं। कई परिवार के लोगों ने दूसरे मकान में सामान शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। मंगलवार को कई लोग सामान लेकर दूसरे मकानों में शिफ्ट हो गए।