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कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का दीदार करेंगे पीएम मोदी, जानिए पार्क के बारे में 5 खास बातें...

Thu, 14 Feb 2019 09:10 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
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Corbetttigerreserve - फोटो : corbetttigerreserve.com
लोकसभा चुनाव से पहले लोगों में जोश भरने उत्तराखंड आ रहे पीएम नरेंद्रमोदी नैसर्गिक सौंदर्य को समेटे हुए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का दीदार भी करेंगे। आप भी जानिए पार्क के बारे में खास बातें जो बरबस ही पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। 
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कॉर्बेट नेशनल पार्क बारिश के दिनों में बंद कर दिया जाता है। - फोटो : अमरउजाला
कॉर्बेट नेशनल पार्क भारत का पहला राष्ट्रीय पार्क है। यह साल 1936 में स्थापित हुआ था। पहले इसका नाम हैली नेशनल पार्क था। स्वतंत्रता के बाद इसका नाम बदलकर विश्व में जिम कार्बेट नाम के एक प्रसिद्ध शिकारी के नाम पर रखा गया। जिम कार्बेट जहां एक अचूक निशानेबाज थे वहीं वन्य पशुओं के प्रिय साथी भी थे। कुमाऊँ के कई आदमखोर शेरों को उन्होंने मारकर सैकड़ों लोगों की जान बचाई थी। गढ़वाल में भी एक आदमखोर शेर ने कई लोगों की जानें ले ली थी। उस आदमखोर को भी जिम कार्बेट ने ही मारा था।
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जिम कॉर्बेट
नैनीताल पर्यटन विभाग के अनुसार, कॉर्बेट नेशनल पार्क 521 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यह हिमालय की तलहटी में बसा हुआ है। यह पार्क दो जिलों में फैला हुआ है। पार्क का एक प्रमुख हिस्सा 312.86 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल पौड़ी गढ़वाल जिले में और शेष 208.14 वर्ग किलोमीटर नैनीताल जिले में आता है। प्रशासनिक दृष्टि से पार्क कालागढ़ और रामनगर वन प्रभागों के अंतर्गत आता है ।

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corbett tiger reserve - फोटो : google
टाइगर रिजर्व में आप केवल जंगली जानवरों का ही नहीं बल्कि यहां रामगंगा और सोनानदी का भी दीदार किया जा सकता है। सूर्यास्त के बाद टाइगर रिजर्व के अंदर ड्राइविंग बैन है, लेकिन यहां दिन में जंगल सफारी करने का अपना ही अलग मजा है। टाइगर रिजर्व में तमाम तरह के जंगली जानवर मौजूद हैं। इसलिए पार्क के अंदर कोई भी पालतू जानवर नहीं ले जाया जा सकता है। यहां पर पैदल चलना या ट्रेकिंग करना भी सख्त वर्जित है। पार्क के अंदर ट्रांजिस्टर और टेप रिकार्डर चलाना भी सख्त मना है। 
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corbett park
पार्क के अंदर आप जंगली हाथी, टाइगर, तेंदुए, जंगली बिल्ली, सांभर, चीतल, हॉग हिरण, बार्किंग हिरण, घुरड, नीलगाय, जंगली सुअर, नेवला, आप यहां घाडियाल, मगरमच्छ, अजगर, किंग कोबरा, कछुआ, साल वन कछुआ, मॉनिटर छिपकली, महाशीर, गूंछ, ट्राउटही नहीं बल्कि निवासी और प्रवासी पक्षियों की 580 से अधिक प्रजातियों का दीदार कर सकते हैं। 
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Corbett National Park
यहां आप पांच जोन में सफार कर सकते हैं। हर जोन में सफारी करने का एक अनुकूल समय है। इसमें आप ढिकाला जोन में 15 नवंबर से 15 जून तक, बिजरानी क्षेत्र में 15 अक्टूबर से 30 जून, सोनानदी जोन में 15 अक्टूबर से 30 जून तक, डोमुण्डा जोन से 15 अक्टूबर से 30 जून, झिरना जोन से साल भर सफारी कर सकते हैं। 
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