rakesh chandra
शहीद राकेश का पार्थिव शरीर शाम करीब सात बजे घर पहुंच गया। इससे पहले उनका पार्थिव शरीर आर्मी की तरफ से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचाया गया, जहां से वाहनों से घर तक पहुंचा। पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। जहां पत्नी बार-बार बेसुध हो रही थीं, वहीं बच्चे राकेश से चिपटकर बिलखने लगे। गमगीन नजारा देख मौके पर मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें छलक उठीं। वहीं इस दौरान ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, राकेश तेरा नाम रहेगा’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे भी खूब गूंजे।