सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में मल्टीप्लेक्स प्रबंधकों को तो कुछ नहीं करना, मगर दर्शकों को अब अनिवार्य रूप से राष्ट्रगान के सम्मान में खड़े होने की एक आदत डालनी ही होगी। देहरादून के मल्टीप्लेक्स में फिल्म की शुरूआत में राष्ट्रगान बजने की परंपरा पहले से ही प्रचलित है।
विज्ञापन
2 of 8
national anthem
- फोटो : national anthem
लेकिन अगर कोई व्यक्ति या समूह राष्ट्रगान गाने से रोकता है या उसमें किसी तरह का विघभन डालता है अथवा उसके सम्मान में मान्य नियमों ( सावधान होकर खड़े होना) का पालन नहीं करता तो यह राष्ट्रगान का अपमान माना जाएगा।
विज्ञापन
3 of 8
jail break
यह भी देखने वाली बात होगी कि मल्टीप्लेक्स में राष्ट्र गान बजते समय लोग खड़े हो रहे हैं या नहीं ये कौन देखेगा। कोर्ट द्वारा यह आदेश सभी राज्यों को सचिवों को भेजा जाएगा। जहां से संबंधित मंत्री द्वारा राज्य के सभी मल्टीप्लेक्सेज में इस आदेश का पालन कराया जाएगा।
4 of 8
money
अधिवक्ता आलोक घिल्डियाल ने बताया कि प्रीवेंशन ऑफ इनसल्ट टू नेशनल ऑनर एक्ट-1971 की धारा तीन के अंतर्गत राष्ट्रगान से रोकने या अपमान करने पर न्यूनतम एक वर्ष के कारावास की सजा जो तीन साल तक की हो सकती है। कारावास के साथ जुर्माना भी देना पड़ सकता है।
विज्ञापन
5 of 8
सिनेमा हाल
- फोटो : Demo Pic.
आज दुर्भाग्य की बात है, राष्ट्रगान के सम्मान में खड़े होने में अमूमन कुछ युवाओं को बहुत दिक्कत होती है। आंखों देखी बात है कि कई युवा आधा राष्ट्रगान होते-होते बमुश्किल खड़े होते हैं।
विज्ञापन
6 of 8
खड़े होने पर भी ऐसे लगता है कि उनके शरीर में ऐंठन आ रही हो। कई तो बेशर्मी से बैठे ही रहते हैं। खास तौर पर यह समस्या जोड़े में आए छात्रों के साथ है।
विज्ञापन
7 of 8
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
- फोटो : self
अमर उजाला की अपील है कि फिल्म की शुरूआत में ज्योंही राष्ट्रगान के बजने की सूचना नजर आए, तत्काल सावधान मुद्रा में खड़े हो जाएं और 52 सेकेंड तक खड़े रहें।
बेहतर होगा कि आप स्वर से स्वर मिलाकर राष्ट्रगान गाएं। राष्ट्रगान पूर्ण होने के बाद ही बैठें। अमर उजाला की सभी दूनवासियों से अपील है कि जहां भी राष्ट्रगान की आवाज कान में पड़े वहीं सम्मान में जरूर खड़े हो जाए।