अंतरजातीय विवाह के बाद हुई युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने चौथे हत्यारोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की पूछताछ में कई अहम बातें सामने आई हैं। यहां तक कि जगदीश को कितनी बेदर्दी के साथ मौत के घाट उतारा गया इसका भी खुलासा हुआ है। वहीं पुलिस मामले में कुछ और जानकारियां जुटाने में भी लगी हुई है।
शनिवार को अल्मोड़ा पुलिस ने रानीखेत के नौगांव निवासी नरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया। नरेंद्र सिंह जगदीश हत्याकांड का वह आरोपी है जिसने जगदीश की पत्नी गीता उर्फ गुड्डी के परिजनों के साथ मिलकर जगदीश की हत्या को अंजाम दिया था। पुलिस की पूछताछ में नरेंद्र सिंह ने बताया कि वह मृत नंदन का दोस्त था और उसके साथ नदी में से रेत निकालकर ढोने का काम करता था।
मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी अल्मोड़ा प्रदीप कुमार राय ने बताया कि एक सितंबर को सैलापानी पुल के पास से सुबह सात से आठ बजे के बीच जगदीश का अपहरण किया गया था। इसके बाद उसे नदी किनारे ही एक कमरे में कैद रखा गया था। इसके बाद परिजनों ने उससे गीता के बारे में पूछताछ शुरू की। साथ ही उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
इस बीच जगदीश ने गीता के किसी नारायण के घर होने की सूचना दी लेकिन वहां परिजनों को जब गीता नहीं मिली तो वे बौखला गए और वापस आकर दोबारा जगदीश से मारपीट की। इसके बाद शाम करीब आठ बजे जगदीश ने दम तोड़ दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जगदीश के शरीर पर 27 चोटें और चार जगह फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।