फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जगदीश हत्याकांड: प्यार करने की मिली खौफनाक सजा, प्रेमिका की मां हुई बेनकाब, बेदर्दी से उतारा था मौत के घाट

Sun, 11 Sep 2022 03:30 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा।
विज्ञापन
1 of 7
पकड़ा गया हत्यारोपी - फोटो : अमर उजाला
अंतरजातीय विवाह के बाद हुई युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने चौथे हत्यारोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की पूछताछ में कई अहम बातें सामने आई हैं। यहां तक कि जगदीश को कितनी बेदर्दी के साथ मौत के घाट उतारा गया इसका भी खुलासा हुआ है। वहीं पुलिस मामले में कुछ और जानकारियां जुटाने में भी लगी हुई है। 

शनिवार को अल्मोड़ा पुलिस ने रानीखेत के नौगांव निवासी नरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया। नरेंद्र सिंह जगदीश हत्याकांड का वह आरोपी है जिसने जगदीश की पत्नी गीता उर्फ गुड्डी के परिजनों के साथ मिलकर जगदीश की हत्या को अंजाम दिया था। पुलिस की पूछताछ में नरेंद्र सिंह ने बताया कि वह मृत नंदन का दोस्त था और उसके साथ नदी में से रेत निकालकर ढोने का काम करता था।
 
मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी अल्मोड़ा प्रदीप कुमार राय ने बताया कि एक सितंबर को सैलापानी पुल के पास से सुबह सात से आठ बजे के बीच जगदीश का अपहरण किया गया था। इसके बाद उसे नदी किनारे ही एक कमरे में कैद रखा गया था। इसके बाद परिजनों ने उससे गीता के बारे में पूछताछ शुरू की। साथ ही उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
 
इस बीच जगदीश ने गीता के किसी नारायण के घर होने की सूचना दी लेकिन वहां परिजनों को जब गीता नहीं मिली तो वे बौखला गए और वापस आकर दोबारा जगदीश से मारपीट की। इसके बाद शाम करीब आठ बजे जगदीश ने दम तोड़ दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जगदीश के शरीर पर 27 चोटें और चार जगह फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
विज्ञापन

2 of 7
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
दूसरी गाड़ी बुक करके सैलापुल पर पहुंचे थे आरोपी
पुलिस ने बताया कि हत्या करने से पहले आरोपियों ने सैलापुल तक पहुंचने के लिए बोलेरो गाड़ी बुक की थी। इसके लिए उन्होंने गाड़ी स्वामी को बकरी खरीदकर लाने की बात कही थी। सैलापुल पर पहुंचने के बाद गाड़ी चालक को यह कहकर वापस भेज दिया कि माल खरीदने के बाद वापस बुला लिया जाएगा। 
विज्ञापन

3 of 7
पुलिस बल। - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
भाई और पिता से था डर मां पर था भरोसा
गीता को अपनी मां पर पूरा भरोसा था कि वह इस प्रेम विवाह में उसका साथ देगी। इसलिए एसएसपी कार्यालय में दिए शिकायत पत्र में गीता ने पिता और भाई से  ही खतरा जताया था। वहीं नरेंद्र की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सामने आया कि जगदीश के अपहरण के बाद उससे मारपीट करने वालों में गीता की मां भी शामिल थी और पुलिस ने शव के साथ गीता की मां भावना देवी को भी गिरफ्तार किया। यहां तक कि जेल में बंद गीता के परिजनों को हत्या करने का कोई मलाल तक नहीं है। 

4 of 7
उत्तराखंड पुलिस - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
मई 2022 में भी जगदीश के साथ गई थी गीता
पुलिस ने बताया कि मई 2022 में भी गीता जगदीश के साथ घर से चली गई थी और 14 दिन बाद वापस लौटी थी। उस दौरान परिजनों ने गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। वहीं गीता ने कोर्ट में दिए बयानों में अपनी मर्जी से जाने की बात कही थी। हालांकि उस समय गीता के परिजनों को जगदीश के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। घर वापस आने के कुछ दिन बाद गीता और जगदीश दोबारा फोन के जरिए संपर्क में आ गए थे।
विज्ञापन

5 of 7
पुलिस - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
जगदीश का शव मिलने पर परिजनों को मिली बेटे की खबर
पुलिस ने बताया कि जगदीश के परिजन जगदीश से जुड़ी हर बात से बेखबर थे। सात-साठ अगस्त से गायब जगदीश के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। यहां तक कि जगदीश के प्रेम-प्रसंग और उसकी शादी की भी जानकारी नहीं थी। अपहरण के बाद जब जगदीश का शव पुलिस को बरामद हुआ तब परिजनों को जानकारी हासिल हुई थी। 
विज्ञापन

6 of 7
उत्तराखंड पुलिस - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
पूर्व सीएम रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य पीड़ित के परिवार से मिले
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने मृतक जगदीश के गांव पनुवाद्योखन  पहुंच कर पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना जताई। उन्होंने जगदीश हत्याकांड की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने पीड़ित परिजनों को ढांढस बधाया और दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। मृतक की बहन ने कहा कि उनके भाई की मौत के जितने भी आरोपी हैं उनकी शीघ्र गिरफ्तारी की जाए। आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि यह बहुत दुखद घटना है इसकी जितनी भर्त्सना की जाय कम है।

ये भी पढ़ें...CM Dhami Interview:  युवाओं की दुविधा होगी दूर, भर्ती परीक्षा से जुड़े हर सवाल के पढ़ें मुख्यमंत्री के ये जवाब
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
पीड़ित परिवार को मिलेगा न्याय
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष किया जाएगा। इधर, उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष पीसी.गोरखा ने मृतक जगदीश के घर पनुवाद्योखन जाकर परिजनों से मुलाकात की और संवेदना जताई। उन्होंने जिलाधिकारी अल्मोड़ा से दूरभाष पर बात कर परिजनों को जल्द आर्थिक मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जगदीश हत्याकांड मामले की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें