योग गुरु बाबा रामदेव ने आध्यात्मिक प्रेरणा पाकर योग सीखा और इसे जन-जन तक पहुंचाया है। आइए जानते हैं उन्होंने योग कैसे औ कहां सीखा...
विज्ञापन
2 of 6
- फोटो : फाइल फोटो
योग गुरु बाबा रामदेव ने गंगोत्री की गुफाओं में साधना से प्रेरणा पाकर योग सीखा और दुनियाभर में अलग पहचान दिलाई। यहीं उन्होंने स्वामी अपरोक्षानंद से योग के गुर सीखे।
विज्ञापन
3 of 6
- फोटो : फाइल फोटो
वे गंगोत्री को ही अपनी आध्यात्मिक जन्मभूमि मानते हैं। आज भी यहां बने अपने पुराने दिव्य योग मंदिर के माध्यम से वे साधु संतों को पतंजलि के उत्पाद और सब्जी आदि जरूरत की सामग्री देकर निरंतर उनकी सेवा करते आ रहे हैं।
4 of 6
- फोटो : फाइल फोटो
बाबा रामदेव ने वर्ष 1992 से 94 के बीच श्री कृष्ण आश्रम, गंगाबाग, सोहम गुफा, गौरीकुंड आदि जगहों में साधना करके आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया। 2014 में वह गंगोत्री के आगे तपोवन में भी गए।
विज्ञापन
5 of 6
- फोटो : फाइल फोटो
1995 में उन्होंने संन्यास ग्रहण करके योग को गुफाओं, कंदराओं एवं संभ्रांत लोगों के दायरे से बाहर लाकर जन सामान्य तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया।
गंगोत्री में 12 वर्षों से रह रहे स्वामी रामदेव की धरोहर दिव्य योग मंदिर संभालने वाले स्वामी राघवानंद बताते हैं कि आचार्य बालकृष्ण भी यहां रहे और उनका यहां आना-जाना लगा रहता है।