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विश्व योग दिवस : उधारी की किताबों से योग सीखते थे बाबा रामदेव, इस तरह से पाया मुकाम

Thu, 21 Jun 2018 05:33 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला
योग को विश्व पटल तक पहुंचाने वाले बाबा रामदेव ने योग उधारी की किताबों से सीखा था। आगे जानिए...
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baba ramdev
बाबा रामदेव ने उत्तराखंड में ही नहीं बल्कि देश और विदेश में भी योग को लेकर लोगों में उत्साह बनाया है। आज बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक योग की तरफ आकर्षित हो रहा है। लेकिन हैरानी की बात ये है कि बाबा रामदेव ने किसी गुरु से योग नहीं सीखा।
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baba ramdev
बाबा रामदेव ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में इस बात का खुलासा खुद किया था। उन्होंने बताया था कि, वे नौ साल की उम्र से योग करने लगे थे। उन्होंने योग किताबों से पढ़कर सीखा है। उस समय उनके पास योग सीखाने के लिए कोई गुरु नहीं था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और किताबों में योग क्रियाएं देखीं। इसके बाद उन्होंने कुछ दिन तक उन क्रियाओं का अभ्यास किया।

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बाबा रामदेव - फोटो : AFP
लेकिन जब इसके बारे में अधिक जानना चाहता तो उनके पास किताबें खरीदने के लिए पैसे ही नहीं थे। तब वे एक  एक साधु के पास पहुंचे। वहां उनके पास कुछ पुरानी किताबें थी। उन्होंने साधु से किताबें मांगी और उन्हें पढ़ा। किताबे पढ़ते-पढ़ते उन्होंने हर दिन अभ्यास किया।
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
रोजाना अभ्यास ने उन्हें इतनी आदत हो गई कि वे योग को उन्होंने अपने जीवन में ही उतार लिया और दुनिया को भी योग सिखाने की ठान ली। यही कारण है कि सिर्फ किताबें पढ़कर ही आज वे योग को लेकिन विश्व भर में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।
 
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