basanti bisht
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बसंती बिष्ट का जन्म उत्तराखंड के एक सीमांत गांव ल्वाणी में हुआ। यह गांव नंदा देवी राजजात यात्रा के मार्ग पर स्थित है। नंदा देवी को क्षेत्र के लोग अपनी बेटी की तरह पूजते हैंए इसलिए यहां वर्षों से नंदा देवी के जागर गायन की परंपरा विद्यमान है। जागर गायन को मूलत: पुरुषों का कार्य माना जाता था। इसलिए बचपन में जब बसंती ने जागर गाने की अपनी इच्छा जाहिर की तो उनके खुद के परिवार ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी।