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आतंकवाद से लड़ने को एक साथ युद्ध के मैदान में आई भारत और अमेरिका की सेना, तस्वीरों में देखिए...

Mon, 17 Sep 2018 07:32 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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Indo US joint military exercises
भारत और अमेरिकी सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास 2018 का चौबटिया छावनी में आगाज हो गया है। रविवार को गरुड़ा मैदान में दोनों देशों के जवानों ने अपने-अपने ध्वजों के साथ भव्य मार्चपास्ट किया। अधिकारियों ने परेड की सलामी ली। दो सप्ताह तक चलने वाले इस युद्धाभ्यास में आतंकवाद और आंतरिक विद्रोह की चुनौती से निपटने की तकनीक साझा होगी। युद्धाभ्यास का नेतृत्व अमेरिकी सेना के मेजर जनरल विलियम ग्राह्म और भारतीय सेना के मेजर जनरल कवींद्र सिंह कर रहे हैं।
 
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Indo US joint military exercises
मालूम हो कि दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच यह 14वां सैन्य युद्धाभ्यास है। चौबटिया के गरुड़ा मैदान में उद्घाटन समारोह हुआ। गुनगुनी धूप के बीच दोनों देशों के जवानों ने भव्य परेड और मार्चपास्ट का प्रदर्शन किया। कदम-कदम बढ़ाए जा की स्वर लहरियों के बीच मेजर जनरल विलियम ग्राह्म और मेजर जनरल कवींद्र सिंह ने परेड की सलामी ली। दोनों देशों की तरफ से 350-350 जवान और अधिकारी युद्धाभ्यास में भाग ले रहे हैं। 
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Indo US joint military exercises
युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद और आंतरिक विद्रोह की चुनौती से निपटना है। इससे पूर्व चौबटिया छावनी में जनरल आफीसर कमांडिंग, गरुड़ डिवीजन ने मेहमान सैन्य दल का गर्मजोशी से स्वागत किया। अमेरिकी सेना का प्रतिनिधित्व एक इंफेंट्री बटालियन, 23 इंफेंट्री रेजीमेंट, 2 स्ट्राइकर ब्रिगेड, कांबेट टीम, 7 इंफेंट्री डिवीजन, जबकि भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व कांगो ब्रिगेड, गरुड़ डिवीजन, सूर्य कमान की एक इंफेंट्री बटालियन कर रही है। शुभारंभ अवसर पर 99 पर्वतीय ब्रिगेड के कमांडेंट ब्रिगेडियर विजय काला आदि मौजूद रहे।

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Indo US joint military exercises
युद्धाभ्यास के चलते चौबटिया क्षेत्र का घना जंगल अब दो हफ्ते के लिए रणक्षेत्र में तब्दील हो गया है। घने जंगलों को युद्धाभ्यास के लिए चुना जाता है। दरअसल, आतंकवादी इसी तरह के स्थानों से अपनी नापाक हरकतों को अंजाम देते हैं। युद्धाभ्यास के दौरान इंडो-अमेरिकी सैनिक आतंकवादियों को घेरने के लिए निगरानी, ट्रेकिंग, नजदीकी सैन्य लड़ाई के लिए विशेष हथियार, विस्फोटक और संचार के आधुनिक उपकरणों की तकनीक साझा करेंगे।
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भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग और सामरिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के लिए युद्धाभ्यास को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के अधिकारियों ने भी अपने संबोधन में इसी बात का जिक्र किया है। उन्होंने युद्धाभ्यास के बारे में जानकारी दी। अमेरिकी मेजर जनरल भारतीय मेहमान नवाजी से काफी खुश नजर आए। 2014 से लगातार तीन युद्धाभ्यास का हिस्सा बन चुकी अमेरिकी सेना में शामिल भारतीय मूल की स्टाफ सार्जेंट बलरीत खारा ने कहा कि तीनों अभ्यासों से उन्हें बहुत कुछ सीखने का मौका मिला है। दोनों सेनाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व भी बढ़ रहा है, जो कि बेहतर कदम है। अमेरिकी दल में 20 महिलाएं शामिल हैं, जबकि तीन भारतीय मूल के सार्जेंट और स्टाफ सार्जेंट मौजूद हैं।
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