पूर्व में परीक्षण के दौरान वायुसेना के अधिकारी युद्धक विमानों की लैंडिंग एवं उड़ान के लिए इस हवाई पट्टी के विस्तार की जरूरत बता चुके हैं। अभी यहां 1165 मीटर लंबा और 30 मीटर चौड़ा रनवे है।
जबकि लड़ाकू विमानों के उतरने के लिए डेढ़ हजार मीटर लंबे रनवे और टर्निंग प्वाइंट पर पांच मीटर की अतिरिक्त चौड़ाई की जरूरत है। इस अभियान को लेकर सेना के अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बनाए रखी।
ऐसे में यह सैन्य अभ्यास कितने दिन चलेगा, इसकी कोई सूचना नहीं दी जा रही है। हालांकि डीएम डा.आशीष चौहान की मानें तो सेना की ओर से मिले पत्र में 17 एवं 18 अप्रैल को अभ्यास की सूचना दी गई थी।